उमरिहाबाजार में यू्पी 100 को दौड़ाती भीड़।
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रजिस्टर खरीदकर स्कूल जा रहे छात्र को तेज रफ्तार बोलेरो ने बुधवार की सुबह टक्कर मार दी। हादसे के एक घंटे बाद तक छात्र सड़क पर तड़पता रहा। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की फटकार के बाद इलाकाई पुलिस हरकत में आई। कानपुर ले जाते वक्त छात्र की मौत हो गई। शव आने के बाद ग्रामीणों ने हंगामा काटा। यूपी 100 कर्मियों को दौड़ा लिया। पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत किया।
जाफरगंज थाने के कोरौली गांव के रामसेवक का बेटा महेंद्र निषाद (16) सुमित्रा देवी शिक्षण संस्थान मदुरी में कक्षा आठ का छात्र था। वह स्कूल से करीब 11 बजे मांझेपुर उमरिहाबाजार साइकिल से रजिस्टर खरीदने आया था। वापस स्कूल जाते समय अमौली से जोनिहां की ओर जा रही बोलेरो ने छात्र को टक्कर मार दी। हादसे में छात्र और साइकिल दूर जा गिरे। बोलेरो समेत चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने 108 और यूपी 100 नंबर में सूचना दी। सहायता न मिलने पर थाने के सीयूजी नंबर पर सूचना दी। सहायता पहुंचने के इंतजार में एक घंटे तक छात्र तड़पता रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि इसी दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का काफिला रुका। हादसा देखकर वह रुकी और थाने की पुलिस को सूचना देकर बुलाया। साध्वी ने कार्यवाहक एसओ खुर्शीद अंसारी को लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई। उधर, पुलिस जीप से घायल को सीएचसी ले गई। इस दौरान 100 डायल पीआरवी 1168 पहुंची। जिस देखकर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने यूपी 100 डायल पुलिस को दौड़ा लिया। कानपुर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ गांव के मोड़ उमरिहा बाजार पर आकर खड़ी हो गई। ग्रामीणों ने जाम लगाकर बोलेरो पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने स्कूल पर निजी काम से बाजार भेजने की बात कही। पुलिस प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह से शव कब्जे में लिया। कार्यवाहक एसओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर बोलेरो की तलाश की जा रही है।
परिवार की माली हालत कमजोर
छात्र महेंद्र के परिवार की आर्थिक हालत नाजुक है। महेंद्र के पिता रामसेवक को दिखाई नहीं देता है। उसे विकलांग पेंशन भी नहीं मिलती है। घटना से मां कमलेश देवी का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। छात्र चार भाइयों रामसागर, शिवसागर, दीपक में तीसरे नंबर का था। एक दस साल की छोटी बहन सीमा है। ग्रामीणों की मांग रही कि बाजार के आसपास ब्रेकर बनवाया जाए। जिससे हादसे रुक सकें। परिवार को सरकारी सहायता दिलाई जाए। ग्रामीणों ने वक्त पर न आने वाली यूपी 100 नंबर व 108 एंबुलेंस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। परिवार का चार बीघे खेत से गुजर बसर होता है।