असोथर/फतेहपुर। मुंडन संस्कार के बाद गंगा नदी में डूबे छात्र और युवक करीब 20 घंटे बाद शव बरामद हुए। प्रयागराज से आई एसडीआरएफ ने शवों के उतराने पर बाहर निकाले। शवों के मिलने के बाद परिजनों का हाल बेहाल हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को गांव में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
असोथर थाने के टीकर गांव के रामसजीवन रैदास का पंंकज (28), मुन्ना रैदास का पुत्र गोलू (18),जितेंद्र (28), थरियांव थाने के रसूलाबाद निवासी सुंदर (32), हुसैनगंज थाने के गोवर्धनपुर निवासी रजत (24) मुंडन कार्यक्रम में सुल्तानपुर घोष के डगडगी गांव गए थे। मुंडन पंकज के भतीजे का था। पांचों गांव किनारे गंगा स्नान के दौरान डूबे गए थे। हादसे में पंकज व इंटर का छात्र गोलू लापता हो गए थे। एसडीआरएफ व नौबस्ता चौकी प्रभारी उत्कर्ष मिश्रा, स्थानीय गोताखोर शनिवार सुबह डूबने वालों की तलाश में जुटे। डूबने वाली जगह से 11 किलोमीटर नौबस्ता घाट में शव उतराते देखकर एसडीआरएफ ने बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव पहुंचे। एक गांव में दो युवकों की मौत से मातम छा गया। गोलू के परिवार में बड़ा भाई धर्मेंद्र, बहन साधना, मोना व मां महाबिरिया का हाल बेहाल दिखा। उधर, पंकज के भाई संजय, मां ननकी बदहवास दिखे। पंकज की पत्नी सुनीता नौ माह की गर्भवती है। उसे पहला बच्चा होना है। वह पति का शव देखकर बिलख पड़ी। गांव में ही दोनों की चिताएं लगाकर परिजनों ने मुखाग्नि दी।