फतेहपुर में ब्लाॅक प्रमुख की 13 सीटों में 10 पर भाजपा, दो पर उसकी सहयोगी अपना दल ने कब्जा कर लिया। सपा को एक सीट पर संतोष करना पड़ा। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री जय कुमार जैकी की पत्नी सुशीला देवी ने 64 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं, रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी के बेटे अनुज प्रताप सिंह ऐरायां ब्लाक से निर्विरोध ब्लाॅक प्रमुख बने हैं।
विज्ञापन
जीत दर्ज करने वाले ब्लाॅक प्रमुखों को डीएम अपूर्वा दुबे ने शनिवार शाम को प्रमाणपत्र दिए। विजयी प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने कोरोना गाइडलाइन तोड़ते हुए जीत का जश्न मनाया। ब्लाॅक प्रमुख चुनाव शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ब्लाॅक मुख्यालयों पर कराया गया। सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ। सभी ब्लाॅक परिसर में पुलिस व मजिस्ट्रेटों की निगरानी में पहले मतदान कराया गया, फिर तीन बजे के बाद मतगणना शुरू हुई।
जिले के सभी 13 ब्लाॅकों में से सिर्फ ऐरायां ब्लाॅक में ही निर्विरोध ब्लाॅक प्रमुख का चयन हुआ। धाता ब्लाॅक में सपा ने जीत दर्ज की। भाजपा के सहयोगी अपना दल ने अमौली और देवमई ब्लाॅक में जीत दर्ज की। अन्य सभी ब्लाॅकों में भाजपा के ब्लाॅक प्रमुख चुने गए। जीत के बाद खुशी में समर्थकों ने पटाखे व गोले दागे। ढोल, ताश के साथ विजय जुलूस भी निकाला। समर्थकों ने विजयी हुए प्रमुख को फूलमाला पहना कर खुशी जताई।
विज्ञापन
धाता में एक वोट से हुई जीत-हार
फतेहपुर में धाता ब्लाॅक की सीट ही एक मात्र ऐेसी रही जो सपा के खाते में गई है। इस सीट पर मात्र एक वोट से जीत-हार हुई है। सपा की प्रदीपिका सिंह को 44 और भाजपा के सोहन सिंह को 43 सीटें मिलीं। दो मत अवैध पाए गए। प्रदीपिका ने एक वोट से जीत दर्ज कर ली। इसी तरह मलवां में सबसे बड़ी जीत हुई। यहां भाजपा की शशि सिंह को 95 मत मिले जबकि सपा की सुनीला को तीन वोट से संतोष करना पड़ा। शशि सिंह ने 92 वोटों से जीत दर्ज की।
संवेदनशील पांच ब्लाॅकों में लगाए गए दो-दो मजिस्ट्रेट
ब्लाॅक प्रमुख चुनाव में तेलियानी, हथगाम, खजुहा, विजयीपुर और धाता ब्लाक को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था। यहां पर 92-92 पुलिस कर्मियों के साथ दो-दो मजिस्ट्रेट लगाए गए। सुबह 11 बजे से मतदान शुरू होते ही वीडियो रिकार्डिंग शुरू कराई गई। बीडीसी मतदाताओं की जांच व तलाशी भी सघन रूप से की गई।
विशेष निगरानी के लिए लगाए गए अधिकारी
नामांकन के दौरान हुए बवाल को लेकर तेलियानी ब्लाॅक में सीडीओ सत्यप्रकाश, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम सदर प्रमोद झा व सीओ सिटी संजय सिंह की विशेष निगरानी में ड्यूटी लगाई गई। यहां पर पांच सीसीटीवी कैमरों से परिसर की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
अलग-अलग रूट से मतदान स्थल भेजे गए मतदाता
प्रत्याशियों के समर्थकों में विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन ने अलग-अलग रास्ते से बीडीसी मतदाताओं को मतदान स्थल पर पहुंचाया। डीएम अपूर्वा दुबे व एसपी सतपाल अंतिल ने तेलियानी, खजुहा, अमौली, देवमई, विजयीपुर व धाता का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, बहुआ में प्रशिक्षु आईएएस निधि बंसल, असोथर में प्रशिक्षु आईएएस नवनीत सेहरा, हथगाम में अतिरिक्त एसडीएम प्रहलाद सिंह पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
ड्रोन कैमरों से हुई निगरानी
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए तेलियानी, हथगाम, विजयीपुर, खजुहा व धाता ब्लाॅक में ड्रोन कैमरे की निगरानी भी लगाई। यह कैमरे ऊंचाई पर उड़कर परिसर की गतिविधियां फीड करके इंटरनेट के जरिए लैपटॉप में भेजता रहा। जिसे तत्काल प्रशासन के पास भेजा गया।
गेट पर आईडी देखी, तब मिला प्रवेश
अति संवेदनशील मतदान स्थल तेलियानी ब्लाॅक तक पहुंचने के लिए चार बैरीकेडिंग लगाई गईं। बिना आईडी के किसी को प्रवेश नहीं करने दिया गया। सीओ सिटी संजय सिंह ने खुद व्यवस्था संभाली और सख्ती बनाए रखे। मुख्य गेट पर उप निरीक्षक संदीप तिवारी, शैलेश कुमार ने तलाशी लेकर और पहचान पत्र देखकर बीडीसी मतदाताओं को अंदर जाने दिया।