औद्योगिक क्षेत्र रानीपुर स्थित एल्युमीनियम फैक्ट्री में एल्युमीनियम गलाते समय गैस बनने से भट्ठी में तेज आवाज के साथ भीषण विस्फोट हो गया। मौके पर काम कर रहे 11 मजदूर आग व गर्म मलबे में झुलस कर घायल हो गए।
फैक्ट्री मालिक घायल मजदूरों को पहले औंग स्थित एक नर्सिंगहोम ले गए। यहां डाक्टरों के हाथ खड़े करने पर कानपुर ले गए। उधर, हादसे की जानकारी पर फैक्ट्री के सामने ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अनुराग दर्शन ने ग्रामीणों को शांत किया। एसडीएम शिव प्रसाद ने कहा कि घटना की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
हाइवे स्थित सिद्ध लक्ष्मी एल्युमीनियम फैक्ट्री में दोपहर लगभग 12 बजे भट्ठी में एल्युमीनियम गलाया जा रहा था, अचानक तेज आवाज के साथ भट्ठी में धमाका हो गया।
कुछ पलों के लिए फैक्ट्री परिसर में धुआं छा गया। भट्ठी के पास काम कर रहे मजदूर अशोक, पप्पू, संजय, नयन सिंह, जीतेंद्र पटेल, सुनील, कमलेश, ननकवा, नीरज, सूर्यबली, सत्येंद्र गर्म राख से झुलस गए। फैक्ट्री मालिक सुशील निमानी व मैनेजर रघुनाथ यादव मजदूरों को कानपुर ले गए।
उधर, जानकारी पर फैक्ट्री के बाहर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। गेट न खोले जाने पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। मजदूरों ने बताया कि भट्ठी के पास तेजाब का टैंक रखा है।
यदि विस्फोट से तेजाब टैंक फट जाता तो और बड़ा हादसा हो जाता। सूचना पर एसडीएम शिव प्रसाद के नेतृत्व में जिला श्रम अधिकारी एमयू फारूकी, श्रम निरीक्षक विनोदनी अवस्थी टीम के साथ जांच पड़ताल करने पहुंचे।
उन्होंने ने बताया कि कच्चा माल गलाते समय गैस बनने से धमाके के साथ भट्ठी फट गई। उन्होंने ने कहा कि फैक्ट्री में कोई रिकार्ड नहीं मिले है। खामियों पर कार्रवाई की जाएगी। घायलों के बयान के बाद मजदूरों को श्रम एक्ट के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।