फतेहपुर। बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहरी क्षेत्र में 24 और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली देने का आदेश हैं, लेकिन जमकर कटौती हो रही है। स्थिति यह है कि शहर में 10 और ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 घंटे की नियमित कटौती की जा रही है।
भीषण उमस और गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। गांव के लोग न तो दिन में चैन पा रहे हैं और न ही रात में सो पा रहे हैं। ग्रामीण छत, बाग, खलिहान में समय काटने को मजबूर हैं। शनिवार को शहर में दिन में छह घंटे और रात में चार घंटे बिजली गुल रही।
बेरुईहार उपकेंद्र में सुबह साढ़े आठ बजे बिजली कटौती की गई। इससे लोगों के सुबह की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। घरों की जलापूर्ति बंद हो गई। नहाने और कपड़े धोने के लिए भी बिजली आने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि पानी मिल सके।
शहर के पीरनपुर, चौक, महारथी, जीटी रोड, मसवानी मोहल्ले के लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। वहीं आबूनगर उपकेंद्र से दिनभर बिजली की आवाजाही बनी रही।
हर एक घंटे में बिजली कटौती होती रही और रात में भी बिजली सप्लाई प्रभावित रही। लोग चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के थरियांव उपकेंद्र में रात 10 बजे रोस्टिंग के नाम पर रोज बिजली काट दी जाती है और सुबह सात बजे के बाद आपूर्ति की जाती है। दिन में तो लोग बाग, बगीचों में रहकर समय काट लेते हैं, लेकिन रात को बिजली न होने के कारण सोने केे नहीं मिलता है।
अधिशासी अभियंता रामसनेही का कहना है कि रोस्टिंग के आधार पर बिजली कटौती की जा रही है। रोस्टिंग का आदेश शासन से आता है। गर्मी के कारण फाल्ट भी अधिक हो रहे हैं, जिससे बिजली सप्लाई में कुछ समस्या आ रही है। जल्द ही व्यवस्थाओं पर सुधार हो जाएगा।
- जोनिहां उपकेंद्र से सिर्फ चार से छह तक आपूर्ति
जोनिहां/बिंदकी। उपकेंद्र में जोनिहां शाहबाजपुर और रावतपुर फीडरों से 45 गांवों को आपूर्ति मिलती है। प्रचंड गर्मी में लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। स्थिति यह है कि बमुश्किल चार से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही। जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि दरवेशबाद फीडर से रोस्टिंग हो रही है। जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।