असोथर। हसवा ब्लाक के टीकर गांव में बिजली आपूर्ति करने वाला 63 केवीए का ट्रांसफार्मर तीन महीने से फुंका पड़ा है। ऐसे में करीब एक हजार लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। बिजली न आने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लोग मोमबत्ती के सहारे घरों में रोशनी कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र में फुंकने वाले ट्रांसफार्मर को भले ही 48 घंटे में बदलने का दावा करती है लेकिन यह दावा टीकर गांव में हवाई साबित हो रहा है। हालात ये है कि गांव में बिजली आपूर्ति करने के लिए लगा ट्रांसफार्मर जुलाई के अंतिम सप्ताह में जल गया था। ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए ग्रामीणों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और उपकेंद्र के अवर अभियंता से भी कहा, लेकिन जला हुआ ट्रांसफार्मर जस का तस लगा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर बदलवाने की सुधि नहीं ली। ग्रामीण डॉ.महेश गुप्ता, राजाराम मौर्य, उदय मौर्य, धीरज, मनोज, रामलाल पाल ने कहा कि गांव का ट्रांसफार्मर तीन महीने से जला पड़ा है। घरों में लगे एलईडी बल्ब शोपीस बने हुए हैं। ऑनलाइन शिकायत करने के बाद कई बार उपकेंद्र भी जाकर ट्रांसफार्मर बदलवाने को कहा गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अवर अभियंता राकेश कुमार यादव कहना है ऑनलाइन शिकायत करा दी गई है। वर्कशाप से ट्रांसफार्मर मिलते ही उसे लगाकर आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।