शहर से भिटौरा गंगा घाट को जाने वाली सड़क लोक
निर्माण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का शिकार है। बाईपास से भिटौरा तक
की करीब 11 किमी सड़क उखड़ कर गड्ढायुक्त हो गई है। सड़क की गिट्टियां
पूरी सड़क पर छिटक गईं हैं। जिससे आवागमन में वाहन चालकों को परेशानियों का
सामना करना पड़ता है। बता दें कि व्रत व त्योहार में गंगा स्नान करने
वालों का यही एक रास्ता है।
भृगुमुनि की तपोस्थली कहा जाने वाला भिटौरा
(ओमघाट) में सैकड़ों की संख्या में लोग प्रतिदिन जाते हैं। मां गंगा में
डुबकी लगाकर लोग भगवान की पूजा अर्चना करते हैं।
व्रत व त्योहार पर गंगा
स्नान करने वाले सैकड़ों भक्तों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। अमावस्या
और पूर्णिमा में यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है।
प्रसिद्ध स्थान होने
के बावजूद भिटौरा को जाने वाली सघड़क अधिकारियों के उदासीनता का शिकार है।
पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है।
राहगीरों को बारिश में
कीचड़ की समस्या, ठंडी व गर्मी में धूल की समस्या लोगों के लिए नासूर बन गई
है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को भी नवीनीकरण करने का आठ साल में नियम
है।
विभाग सड़क में नवीनीकरण कराने के बजाय उसी की मरम्मत करा देता है,
लेकिन इधर दो साल से मरम्मत के नाम पर भी कुछ नहीं हुआ है। अधिशासी
अािभयंता एके वर्दिया ने सड़क के बारे में जानकारी लेने पर बाद में देखने
की बात कह फोन काट दिया।