अब जिले की बीस ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर लगाकर इंटरनेट से आनलाइन करने के लिए प्रदेश में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना अमल में लायी गई है।
केंद्र सरकार ने राजीव गांधी पंचायत सशक्तीकरण अभियान के तहत वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर पांच हजार या इससे ज्यादा आबादी वाली ग्राम पंचायतों का चयन करके उन्हें हाईटेक बनाने को हरी झंडी दी है।
अभियान के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के भवनों को कंप्यूटर व इंटरनेट की सुविधा से लैस किया जाएगा। बाकायदा पंचायत सहायक भर्ती किए जाएंगे।
पंचायत सहायक ग्राम पंचायत का हरेक ब्योरे की फीडिंग करने की जिम्मेदारी निभाने के अलावा समय-समय पर सरकार की योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराने का काम करेंगे।
जिले की मौजूदा 786 ग्राम पंचायतों में 53 ग्राम पंचायतें इस मानक को पूरा करती हैं। इनमें से पहले चरण के लिए 20 ग्राम पंचायतें चुनीं गईं हैं। हाईटेक बनने के बाद चयनित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए ब्लाक व तहसील मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
ई-गवर्नेंस सेवा को भी रवानी मिलेगी। आय-जाति और खसरा-खतौनी के लिए आनलाइन आवेदन कर प्रमाण पत्र हासिल किए जा सकेंगे।
बदलने जा रही व्यवस्था से जहां ग्रामीणों को फायदा होगा वहीं प्रशासन के लिए चुनौती बनते चले आ रहे परिसंपत्तियों के कब्जों के मामलों से छुटकारा मिलेगा। परिसंपत्तियों की कंप्यूटर में फीडिंग होने से परिसंपत्तियों की हिफाजत की जा सकेगी।
‘राजीव गांधी पंचायत सशक्तीकरण अभियान में शामिल ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों विद्युत संकट दूर करने के विद्युत विभाग को पत्राचार किया गया है। शासन स्तर पर मिलने वाले दिशा निर्देशों पर अमल किया जाएगा। शेष पांच हजार से बड़ी आबादी वाली ग्राम पंचायतों को दूसरे चरण में संतृप्त किया जाएगा। - रमाकांत, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर, राजीव गांधी पंचायत सशक्तीकरण अभियान