बकेवर। जनपद के कई मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। हालत यह है कि 10 वर्षों से गड्ढों पर डामर का लेप तक नहीं चढ़ाया गया। नतीजा यह है कि पूरी सड़क से डामर गायब हो चुका है और धूल उड़ रही है। गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ रोड में गिरकर राहगीर चोटिल हो रहे हैं। ऐसा ही हाल 25 किलोमीटर के जहानाबाद से चौडगरा राज्य मार्ग व किशनपुर से गुरुवल के नौ किलोमीटर लंबे मार्ग का है।जहानाबाद से चौडगरा स्टेट हाईवे बदहाल हो गया है। 25 किलोमीटर में हाईवे से डामर गायब है और जगह-जगह गड्ढे हैं। पूरी सड़क पर धूल उड़ रही है। 10 सालों से मार्ग की मरम्मत न होने से चौडगरा से जहानाबाद तक ऐसा हाल हो गया है।
इस मार्ग पर आए दिन कोई न कोई दुर्घटना का शिकार हो रहा है। सड़क के गड्ढों से बचकर निकलने के प्रयास में राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। दो नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला यह स्टेट हाईवे अब पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुका है। इस मार्ग पर पहुर, शाहजहांपुर, नामामऊ, हरदासपुर, बकेवर, शकूराबाद, बाबाकुआं, कंश्मीरी मोड़, रामपुर मोड़, फुटहा पुल, पतारी मोड़ और कानपुर बार्डर के कई स्थान दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र बन गए हैं। रिंद नदी के पुल के बीच सड़क की दरार चौड़ी होती जा रही है। इससे यहां से भारी वाहन गुजरने पर पुल हिलने लगता है। इससे कभी बड़ी घटना हो सकती है।
पीडब्ल्यूडी अवर अभियंता अरुण कुमार कुशवाहा ने बताया कि शासन को हाईवे के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अभी तक बजट नहीं आया है। बजट आते ही काम शुरू कराया जाएगा।
पहुर निवासी विनीत शुक्ला रोज नौकरी के लिए बकेवर आते-जाते हैं। उनका कहना है कि कभी-कभी इतना डर लगता है कि मोटरसाइकिल कहीं बीच से टूट न जाए। कहीं-कहीं रोड पर इतने बड़े गड्ढे हो गए हैं कि निकालना ही मुश्किल होता है। कोई भी वाहन 20 और 30 की स्पीड से ज्यादा नहीं चल पाता है। इस पर भी हादसे का खतरा बना रहता है।
हरदासपुर निवासी महेंद्र कुशवाहा ने बताया कि रोड में इतने गड्ढे हो चुके हैं कि सभी वाहन गड्ढों से बचने के लिए पूरी सड़क पर दाएं-बाएं का नियम भूल कर गाड़ी चलाते हैं। सुबह बच्चे जब स्कूल जाते हैं, तो डर लगता है। वापस आने पर ईश्वर का शुक्र मनाते हैं।
किशनपुर-गुरुवल नौ किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। उबड़-खाबड़ सड़क पर गिरकर राहगीर चोटिल हो रहे हैं। इसकी वजह से 14 गांवों के करीब 40 हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार हर सड़क को गड्ढा मुक्त करने की तारीख तय कर चुकी है। जनपद का एक प्रमुख किशनपुर से गुरुवल मार्ग पांच साल से बदहाल है। हिचकोले खाते वाहन के सड़क से निकलते ही धूल का गुबार फैल जाता है। इस मार्ग पर अलीपुर, रेवाड़ी, पहाड़पुर, मझिगवां, गुरुवल, सेंधरी, असहट, मड़ौली बइहापुर, जलन्धरपुर, गढ़ीवा, सेमरिया और रायपुर भसरौल के 40 हजार लोग आश्रित हैं। परेशान ग्रामीण अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से कई बार सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है। बारिश के समय मार्ग में फिसलन व गड्ढों की वजह से कुछ ग्रामीणों ने आवागमन तक ठप कर दिया। जरूरी काम से मजबूरन निकले लोग गड्ढे या फिसलन से गिरकर चोटिल होते हैं।
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मड़ौनी निवासी सज्जन निषाद ने बताया कि गांव तक जाने का पूरा रास्ता फिसलन भरा है। सोमवार को कच्चे रास्ते पर फिसलन होने की वजह से गिरकर चोटिल हो गए। बारिश के बाद रास्ते पर कीचड़ से भर जाता है। इसकी वजह से आवागमन बाधित हो जाता है।
बिकौर निवासी भानू पांडेय ने बताया कि पक्का मार्ग कच्चे मार्ग में तब्दील हो चुका है। बारिश के समय और भी दिक्कत हो रही है। इमरजेंसी में एंबुलेंस भी फंस जा रही है। इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवा भी नहीं ले पा रहे हैं। कई बार शासन स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सड़क की नाप हो गई है। विभाग से इस्टीमेट बना के प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही शासन से प्रस्ताव पास होगा सड़क बनाना शुरू कर दी जाएगी।
प्रतीक अग्रवाल, जेई, पीडब्ल्यूडी