देश की तरक्की में बाल एवं बंधुवा श्रम बाधक है। बंधुवा श्रम भी तरक्की की राह में दीमक बना है। इनका खात्मा जरूरी है।
श्रम विभाग के बाल श्रम एवं बंधुवा श्रम की रोकथाम के चल रहे प्रयासों को रवानी देने के लिए मंगलवार को कानपुर की संस्कार संस्था के कलाकारों ने इन कुप्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंकने का संदेश दिया।
यह टीम कलेक्ट्रेट, आदर्श रेलवे स्टेशन, बस स्टाप जैसे सार्वजनिक स्थलों पर पहुुंची। संस्था के राघवेंद्र मिश्रा, महेश वर्मा, आशू गुप्ता, राज कमल व रेखा ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल श्रम व बंधुवा श्रम पर कटाक्ष किया।
नाट्यकर्मियों ने बच्चों से काम लेने वाले अभिभावकों और दुकानदारों, होटल व ढाबों के स्वामियों से इस कुप्रथा को खत्म करने को आगे आने की अपील की। मंचन के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी राम सुरेश, गोविंद लाल गुप्ता, सुनील कुमार ने जागरूकता की बात की।