फोटो-43-क्लीनिक को सील करते पीएचसी प्रभारी डा. बृजेश पांडेय। संवाद
खखरेरू/किशनपुर। विजयीपुर कस्बे में झोलाछाप के इलाज के बाद बालक की मौत होने पर सीएमओ की सख्ती के बाद पीएचसी की दीवार से सटे बेनाम क्लीनिक को सील कर दिया गया। वहीं बालक के पिता संदीप निषाद ने क्लीनिक संचालक मनोज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि यह क्लीनिक करीब दो साल से संचालित हो रहा था।
किशनपुर थाना क्षेत्र के नरौली मजरा गढ़ा गांव निवासी संदीप निषाद शनिवार को पत्नी का इलाज कराने पीएचसी विजयीपुर के बगल में स्थित मनोज के क्लीनिक पहुंचे थे। उनके साथ इकलौता बेटा शशांक (9) भी था। शशांक को जुकाम और खांसी की शिकायत थी। आरोप है कि मनोज ने उसके कमर में इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद ही शशांक बेहोश हो गया।
हालत बिगड़ने पर मनोज परिजन के साथ शशांक को खागा के एक निजी अस्पताल ले गया। यहां से कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। आरोप है कि लौटते समय एंबुलेंस धीमी होने पर मनोज उससे कूदकर भाग निकला। घटना के बाद गलत इलाज का आरोप लगाते हुए परिजन ने हंगामा किया था।
पुलिस ने रविवार को संदीप निषाद की तहरीर पर मनोज कुमार निवासी शाहीपुर अमनी थाना किशनपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इधर, पीएचसी प्रभारी ने क्लीनिक को सील कर दिया। थानाध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-43-क्लीनिक को सील करते पीएचसी प्रभारी डा. बृजेश पांडेय। संवाद