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अक्षय नवमी पर आंवला के वृक्ष की पूजा, कथा सुनी

Sat, 21 Nov 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
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अक्षय नवमी का का पर्व परंपरागत उत्साह और उल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखने के साथ आंवला के पेड़ की पूजा कर कथा सुनी गई।
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बाद में महिलाओं ने आंवला के पेड़ के नीचे ही भोजन पका कर पुरुषों व बच्चों के साथ प्रसाद लिया। पूजा अर्चना व महिलाओं के देवी गीतों से पूरे दिन माहौल भक्तिमय रहा। मंदिरों में लोगों ने ब्राम्हण को वस्त्र व श्रृंगार का सामान दान किया।


शहर के मोटे महादेवन मंदिर में आंवला के वृक्ष की पूजा करने के लिए शुक्रवार सुबह से ही महिलाआें की टोलियां इकट्ठा होने लगीं। दोपहर तक महिलाओं की खासी भीड़ जमा हो गई।
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महिलाओं ने आंवला के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर विधि विधान से पूजा की। इसके बाद महिलाओं ने मंदिर और आंवला के वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की सुख और शांति के लिए भगवान से आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने पूजन के साथ पुत्र और पौत्र के मंगलकामना की प्रार्थना की। मंदिरों में ब्रह्मणों को तिलक कर वस्त्र और श्रृंगार का सामान दान किया गया।
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खागा प्रतिनिधि के मुताबिक नगर में अक्षय नवमी पर्व पर महिलाओं ने आंवला के वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुखशांति के लिए कामना की।



नगर के बड़े हनुमान मंदिर, डाक बंगला, मानूकापुरवा, नईबाजार, हरदों, धाता, हथगाम,खखरेरू,किशनपुर आदि कस्बों में महिलाओं ने आंवला के वृक्ष की पूजा के बाद परिवार सहित प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया। पं. परमेश्वर प्रसाद शास्त्री ने बताया इच्छा नवमी पर आवला के वृक्ष के नीचे भोजन करने से घर में सुख समृद्धि आती है।
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