फतेहपुर। जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या जल्द खत्म होगी। करीब दो माह में अस्पताल में सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। यूपीनेडा की ओर से अस्पताल की छतों पर 410 किलोवाॅट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। करीब दो करोड़ से तैयार हो रहे सोलर प्लांट से इमरजेंसी, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), आईसीयू और एसएनसीयू समेत महत्वपूर्ण विभागों को निर्बाध बिजली मिलेगी।
सोलर प्लांट से इमरजेंसी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, आईसीयू, एसएनसीयू, लेबर रूम, पैथोलॉजी लैब और अन्य विभागों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। निर्बाध बिजली उपलब्ध रहने से मरीजों के इलाज में बाधा नहीं आएगी।
आपात स्थिति में वार्डों में भर्ती मरीजों को भी राहत मिलेगी। पंखे, कूलर, लाइटें और अन्य जरूरी बिजली उपकरण बिना रुकावट चलते रहेंगे। उमस और बिजली कटौती के दौरान मरीजों व तीमारदारों को होने वाली परेशानी भी कम होगी।
सोलर प्लांट शुरू होने के बाद अस्पताल की बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा। इससे बिजली बिल में कमी आने के साथ लंबे समय तक ऊर्जा की बचत होगी। प्लांट में नेट मीटरिंग प्रणाली भी लागू की जाएगी। अस्पताल की जरूरत से बची बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकेगा।
सोलर पैनल लगाने का काम शुरू हो चुका है। नवंबर माह तक पैनल से जिला अस्पताल को बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। यह काम यूपीनेडा संस्था करा रही है और इसकी लागत अस्पताल को नहीं चुकानी है। योजना पूरी तरह निशुल्क है।
- डॉ. राजेश कुमार मौर्या, प्राचार्या मेडिकल कॉलेज।
फोटो 11-जिला अस्पताल की छत में सोलर पैनल के लिए तैयार किया जा रहा बेस। संवाद