संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। हादसे में घायल बरातियों का कहना है कि उन्होंने मौत को इतने करीब से देखा है कि खुद के जीवित होने पर एक पल के लिए विश्वास नहीं हो रहा है। हादसे के कई घंटे बीतने के बाद भी मंजर आंखों के सामने ही घूम रहा है।
हादसे में घायल मुंडेरा प्रयागराज निवासी आलोक सिंह ने बताया कि हादसा होने पर कोई कुछ समझ नहीं पाया। धड़ाम की तेज आवाज सुनाई दी, इसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वह बेहोश हो गए।
कितनी देर तक बस में फंसे रहे उन्हें पता नहीं है। होश आने पर उन्हें खुद के जीवित होने का विश्वास नहीं हो रहा था। इसी तरह गया बिहार निवासी शशिकांत कहते हैं कि हल्की झपकी लगी थी कि तेज आवाज के साथ बस में धुआं भर गया।
बस के एक ओर का हिस्सा हादसे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। चीख पुकार सुनने के बाद भी उनकी जुबान नहीं खुल पा रही थी। सबकुछ एक खराब सपने सा लग रहा था। फिर वह भी बेहोश हो गए। होश आने पर खुद को एंबुलेंस में पाया।
गया बिहार निवासी सुषमा ने बताया कि हादसा देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि कोई जिंदा बचा भी