खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत के कुछ दिन बाद ही स्थिति पहले जैसी हो गई। लाखों खर्च के बाद भी सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए और डामर उखड़ गया। शहर क्षेत्र में ऐसी करीब एक दर्जन सड़कें हैं जहां से वाहन निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुसीबत मोल लेना जैसा है। ऐसे में आवागमन के दौरान लोग गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। बोर्ड की बैठक में सभासद द्वारा प्रस्ताव रखने के बाद भी सड़कें दुर्दशाग्रस्त हैं।
शहर के आवास विकास स्थित पुलिस अधीक्षक आवास के बगल से जाने वाले मार्ग पर गड्ढे हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से गंदगी बढ़ रही है। मोहल्ले के दिनेश सिंह, राजू ओमर, एहसान खान ने बताया कि पालिका प्रशासन से मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के अग्रसेन चौराहा से तांबेश्वर मंदिर को जाने वाला मार्ग बेहद खस्ताहाल है। यहां बड़े बड़े गड्ढे होने से अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती है जिससे लोग चोटिल हो जाते हैं। सभासद आबूनगर इंद्रसेन पटेल ने कहा कि कई बार अधिशासी अधिकारी से शिकायत कर चुके हैं। इसी प्रकार अजगवां में नई बस्ती को जाने वाले मार्ग में गड्ढे हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसी प्रकार खलील नगर, खंभापुर, देवीगंज, रेडइया, अंदौली इलाके में खराब सड़कों से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
कोट
नगर पालिका में सड़कों के पैच वर्क के लिए बजट नहीं मिलता है। जो सड़कें खराब हैं उनका निर्माण कराया जा रहा है। जेई निर्माण को निर्देश दिए गए हैं कि खराब सड़कों को चिह्नित कर इस्टीमेट तैयार करें जिससे जनता को दिक्कत न हो। - चंद्र प्रकाश लोधी, चेयरमैन।
इंसेट
ग्रामीण इलाकों में सड़कों
की स्थिति और भी बदतर
ग्रामीण इलाकों में सड़कों की स्थिति और भी बदतर है। मरम्मत के हफ्ते भर भी नहीं गुजरते कि गिट्टियां उखड़ने लगती हैं। बानगी के तौर पर थरियांव कस्बा से जीटी रोड की ओर निकले बाईपास। कस्बा में बनी रोड से भारी वाहनों का आवागमन भी कम हो गया है लेकिन पीडब्लूडी के अधिकारियों की उदासीनता के चलते सड़क की मरम्मत में सिर्फ खानापूरी कर दी जाती है। इससे मरम्मत के एक सप्ताह में सड़क की हालत जस की तस हो जाती है। थरियांव कस्बा के सगीर अहमद, सुशील तिवारी, लल्लू और वीरेंद्र लोधी ने बताया कि कस्बा के जीटी रोड की हालत खराब है। गड्ढायुक्त होने की वजह से घरों का पानी सड़क में भरा रहता है। प्रांतीय निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एके वर्दिया ने बताया कि जिन सड़कों के मरम्मतीरण का बजट स्वीकृत हो चुका है, उनमें निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। कुछ सड़कों के मरम्मतीकरण का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। पास होने के बाद निर्माण करा दिया जाएगा।