विजईपुर ब्लाक के खखरेड़ू के कटरा मोहल्ला में करीब ढाई सौ से ज्यादा लोग संक्रामक बुखार की चपेट में हैं। सोमवार को गांव में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना पर मलेरिया व फाइलेरिया विभाग की टीमें पहुंची। संक्रामक सेल ने मरीजों को दवाएं बांटी व मलेरिया की आशंका पर तीन दर्जन स्लाइडें बनाई गई हैं। जिला संक्रामक सेल के प्रभारी डॉ. आफाक अहमद ने बताया कि प्रथम दृष्टया वायरल फीवर की आशंका है। वार्डों और घरों में दवा का छिड़काव दिया गया है। उधर, हफ्ते भर से सूचना के बाद भी टीमें न पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।
करीब हफ्ते भर से खखरेरू के कटरा मोहल्ला के लोग बुखार से जूझ रहे थे। फिलहाल इस मोहल्ले की हरेक चौखट में कोई न कोई बीमार पड़ा है। इन्हें सिर दर्द व पेट दर्द की शिकायत हुई। फिर उसके बाद बुखार आया और शरीर चलने फिरने में असहाय हो गया। सैकड़ों लोगोें के बीमार होने की जानकारी पाकर दोपहर एक बजे जिला संक्रामक सेल की टीम ने प्रभावित मोहल्ले में दस्तक दी। सेल ने मदरसा नूरे हेरा में कैंप लगाया तो बीमारों का हुजूम पड़ा। सेल प्रभारी डॉ. आफाक अहमद की देख रेख में बुखार पीड़िताें का इलाज शुरू किया गया। करीब ढाई सैकड़ा लोग बुखार की समस्या लेकर कैंप में आए। जिनमेें से तौफीक अहमद, लुकमान अहमद, अतीक अहमद, बेहजाद, रसूल अहमद, तौसीफ अहमद, आफताब आलम, तौकीम अहमद, इबल, हकीमउद्दीन व रसीकुल निशां समेत करीब तीन दर्जन के आसपास लोगों की हालत ज्यादा सीरियस थी।
जिला संक्रामक सेल के अलावा मौके पर पहुंची मलेरिया व फायलेरिया विभाग की टीम ने समूचे वार्ड व घरों में दवा का छिड़काव कराया है। जिला संक्रामक सेल के प्रभारी डॉ. आफाक अहमद ने बताया कि प्रथम दृष्टया वायरल फीवर नजर आ रहा है। ऐहतियातन सारे मरीजों को दवाएं वितरित की गई हैं। साथ ही साफ सफाई के लिए जोर दिया गया है। उधर सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों के साथ सीएचसी के स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है।
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दूषित जलापूर्ति से बिगड़े हालात
कस्बे के कटरा मोहल्ला में हफ्ता भर के अंदर विचित्र बुखार से पीड़ित ढाई सौ से ज्यादा लोगाें के पीछे जलकल विभाग दोषी नजर आ रहा है। कस्बे में ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत ओवर हेड टैंक बना है। पेयजलापूर्ति के लिए जो पाइन लाइन गुजरी है वह कई जगह से फटी है। जिसके चलते घरों में गंदा व दूषित पानी पहुंच रहा है। जिला पंचायत सदस्य व बसपा नेता कसीम दारोगा, सपा के खागा विधान सभा अध्यक्ष तौफीक अहमद व ग्राम प्रधान अशोक कुमार कहते हैं कि कई बार तहसील दिवस में प्रदूषित जलापूर्ति की शिकायत करने के बावजूद क्षतिग्रस्त पाइप लाइन सही नहीं कराई गई है। जिससे आज यह हालात पैदा हुए हैं।
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झोलाछाप के इलाज से भी बिगड़े हालात
स्थानीय सीएचसी का हाल किसी से छिपा नहीं रह सका है। हालात यह है कि यहां तैनात डॉक्टर ड्यूटी से मुंह चुराते चले आ रहे हैं। कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समेत डीएम के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संबंधी मामलों में तीखे रुख के बावजूद इनका ढर्रा बरकरार है। जिसके चलते हफ्ते भर से बुखार से जूझ रहे लोगों को सरकारी इलाज मयस्सर नहीं हो सका। जिसके चलते लोगों को झोलाछाप का इलाज कराना मजबूरी बनी है।
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‘मरने की कगार में पहुंचाने के बाद आई सुध’
कस्बे के कटरा मोहल्ला में बीमारों की फौज के बीच पहुंची जिला संक्रामक सेल की टीम को देख करके लोग आगबबूला हो उठे। टीम के मुखिया डॉ. आफाक से दो टूक शब्दों मेें कहा कि हम-लोग हफ्ते भर से बुखार से जूझ रहे हैं। हरेक चौखट में कोई न कोई बीमार है। टीम से सवाल दागा कि मरने की कगार में पहुंचाने के बाद आने का मकसद क्या है। जिस पर सेल प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को किसी प्रकार से शांत किया।