फोटो-39-गायत्री मंदिर में नामकरण करते विहिप के प्रांतीय उपाध्यक्ष। स्रोत: सोशल मीडिया
फतेहपुर। करीब 15 साल पहले नाबालिग अवस्था में मुंबई ले जाई गई महिला ने तीन बच्चों के साथ सनातन धर्म में वापसी की। बृहस्पतिवार शाम शहर के हरिहरगंज स्थित गायत्री मंदिर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने पूजा-पाठ और यज्ञ-हवन कराकर घर वापसी की रस्म पूरी कराई। महिला का नाम स्मिता कुशवाहा और बच्चों के नाम कार्तिक, अवनी व यश कुशवाहा रखे गए हैं।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के कोड़ा सुनराही गली की रहने वाली महिला के मुताबिक, करीब 15 साल पहले गांव का एक युवक उसे मुंबई ले गया था। यहां उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। महिला का आरोप है कि उसे गोमांस खिलाकर मस्जिद में निकाह कराया गया और धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम सिमरन रख दिया गया। इस दौरान उसके दो बेटे अरशद अली और मुर्शीद अली तथा एक बेटी कैरीन हुई।
महिला का आरोप है कि बच्चों के जन्म के बाद पति उसे प्रताड़ित करने लगा। कुछ समय पहले उसने मुंबई में दूसरा निकाह कर लिया। इससे परेशान होकर महिला करीब दो साल पहले बच्चों के साथ गांव लौट आई। मायके से सहारा नहीं मिलने पर वह प्रधानमंत्री आवास में रहकर बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी।
इसी दौरान महिला विहिप कार्यकर्ताओं के संपर्क में आई। कार्यकर्ताओं ने उसे संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय से मिलवाया। मामले की जानकारी लेने के बाद बृहस्पतिवार को गायत्री मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। महिला और बच्चों को तुलसी व गंगाजल से पवित्र करने के बाद कलावा बांधकर घर वापसी की रस्म पूरी की गई।
विहिप के प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि महिला ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म में वापसी की है। उसके माता-पिता से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि परिवार को फिर से जोड़ा जा सके। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की व्यवस्था कराने की बात कही। इस मौके पर राहुल अग्निहोत्री, कुलदीप मिश्रा, बीनू पांडेय समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो-39-गायत्री मंदिर में नामकरण करते विहिप के प्रांतीय उपाध्यक्ष। स्रोत: सोशल मीडिया