असोथर। थाना क्षेत्र के भैरवा गांव में अपशब्द बोलने को लेकर हुए विवाद में युवक को लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से शनिवार रात कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामले में दिवगंत के भाई की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं देर शाम पुलिस ने प्रधान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
भैरवा गांव निवासी कुलदीप पासवान (30) मजदूरी करता था। पुलिस के मुताबिक उसका पांच मार्च को मोबाइल गुम हो गया था। वह नशे की हालत में मंदिर के पास खड़ा होकर मोबाइल गुम होने को लेकर अपशब्द बोल रहा था। इसी दौरान गांव से फाग की टोली गाते-बजाते मंदिर के पास पहुंची। टोली में शामिल कुछ लोगों ने उसे ऐसा करने से मना किया और प्रधान ने भी उसे डांटा। इसी बात को लेकर विवाद हो गया।
बताया गया कि विवाद बढ़ने पर अमन तिवारी अपने साथियों के साथ लाठी-डंडा लेकर पहुंचा और कुलदीप को पीटकर अधमरा कर दिया। परिजन ने ग्रामीणों की मदद से घायल कुलदीप को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने शनिवार शाम उसे कानपुर रेफर कर दिया लेकिन परिजन जब उसे इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर बाहर रहने वाला कुलदीप का भाई धनकेश रविवार दोपहर गांव पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी। थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मामले में प्रधान राकेश कुमार गुप्ता, राजेंद्र तिवारी, उसके पुत्र अमन तिवारी तथा परिवार के ब्रह्मभेष तिवारी, विपिन तिवारी, आशीष तिवारी और शिव तिवारी समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। देर शाम प्रधान राकेश कुमार गुप्ता, राजेंद्र तिवारी और विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया।
परिवार का सहारा था कुलदीप
बहन अंजू देवी ने बताया कि कुलदीप मजदूरी कर बुजुर्ग पिता रामधनी और मां का भरण-पोषण करता था। कई साल पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी और वह माता-पिता के साथ ही रहता था। बड़ा भाई धनकेश बाहर रहकर काम करता है। कुलदीप की मौत से परिवार का सहारा छिन गया है। घटना के बाद गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
फाइल फोटो-40-कुलदीप पासवान। स्रोत परिजन
फाइल फोटो-40-कुलदीप पासवान। स्रोत परिजन