फतेहपुर। एनआई एक्ट के मामले में कारोबारी के परिवाद पर कोर्ट ने सोनू स्वर्णकार को आरोपी माना है। सिविल जज सीनियर डिवीजन के पीठासीन अधिकारी ध्रुव सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद परिवाद स्वीकार करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया।
शहर के आवास विकास निवासी सुशील तिवारी की बिंदकी के दरवेशाबाद में फूड और दूध की फैक्टरी है। उन्होंने लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र के मानकनगर कनौसी निवासी सोनू स्वर्णकार के खिलाफ परिवाद में बताया कि वह पहले से सोनू को जानते थे। उनके प्लांट में दूध की आपूर्ति के लिए सोनू ने मिनी चिलिंग प्लांट लगाने में 50 लाख खर्च होने की बात कही थी। इसमें 40 लाख की आवश्यकता बताई गई थी।
सुशील तिवारी ने बताया कि उन्होंने विश्वास में आकर 15 जनवरी 2017 को 15 लाख, आठ फरवरी 2017 को 10 लाख और तीन मार्च 2017 को 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बदले सोनू ने फर्म राजरानी कोल्ड स्टोरेज एंड आइस प्लांट के नाम पर 40 लाख रुपये का चेक दिया। चार अक्तूबर 2017 को चेक बैंक में लगाया गया, लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया। दूसरी बार भी चेक बाउंस हो गया।
कारोबारी ने सोनू को नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। एक दिसंबर 2022 को एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया। जिरह के दौरान सोनू ने चेक में रकम भरने से इन्कार किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने परिवाद स्वीकार करते हुए सोनू स्वर्णकार को आरोपी माना और उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया।