किशनपुर। थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव स्थित चंदापुर अस्पताल के पास बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे पुलिस ने एक लावारिस कार बरामद की जिसकी सीटें खून से सनी मिलीं। ग्रामीणों के मुताबिक कार के साथ एक स्कॉर्पियो भी थी जो कार खराब होने पर सवारों को लेकर भाग निकली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
ग्रामीणों ने चंदापुर स्वास्थ्य केंद्र के पास कार को लावारिस हालत में देखा। वाहन से तेज दुर्गंध आ रही थी और अंदर सीटों पर खून के निशान थे। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया। कार के पीछे के शीशे पर एक सभासद का नाम लिखा है। इससे ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कार का इस्तेमाल गोवंश तस्करी में किया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि देर रात तस्करी के दौरान कार खराब होने पर तस्कर उसे छोड़कर दूसरे वाहन से मांस लेकर भाग गए। हालांकि पुलिस ने कार नंबर के आधार पर संपर्क किया तो वाहन खखरेरू कस्बे के एक युवक का निकला जिसने गाड़ी बेचने की बात कही है।
थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और वाहन स्वामी की तलाश जारी है। प्रथम दृष्टया गोवंश से जुड़ा मामला नहीं पाया गया है।
गोशाला के आसपास रात में घूमते हैं संदिग्ध वाहन
गढ़ा के पास बरामद कार कान्हा गोशाला से कुछ किलोमीटर दूरी पर मिली है। ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में रात के समय बाहरी नंबर की गाड़ियां अक्सर घूमती नजर आती हैं। दिसंबर माह में भी कानपुर देहात नंबर की एक कार सरौली गोशाला के पास मिली थी जिसमें ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। तब आरोप था कि गोशाला से गोवंश ले जाकर काटने की तैयारी थी।