फतेहपुर। प्रमुख सचिव के निर्देश पर अब साल में दो बार नहरों की सफाई होगी। अभी तक साल में एक बार नहरों की सिल्ट निकाली जाती थी। शासन का मानना है एक बार सफाई होने से पानी के बहाव के साथ कम समय में नहर में सिल्ट जम जाती है। सिल्ट जमने के कारण नहर के ओवरफ्लो होने और पटरी फटने जैसी
समस्याओं के मद्देनजर साल में दो बार नहरों की सफाई का निर्णय लिया गया है। जून में बारिश शुरू होने से पहले ही नहरों की सफाई कराने का आदेश दिया गया है।
विभागीय कर्मी बताते हैं साल में एक बार सफाई होने से नहरों में सिल्ट जल्द जमा हो जाती है और साल भर नहरों में पानी की रफ्तार इससे बाधित होती है। सिल्ट जमा होने से नहरों में पानी ओवरफ्लो होता है और इसके दबाव से नहर की पटरियां फटने के साथ खांदी कटने की घटनाएं अक्सर होती हैं। बारिश से पहले नहरों में सिल्ट की सफाई पूरा कराने का निर्देश आने के बाद सिंचाई विभाग ने सफाई की तैयारी शुरू कर दी है। जून में नहरों की सफाई करवाई जाएगी। सिल्ट सफाई का काम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (मनरेगा) के अंतर्गत न करवाकर तेरहवें वित्त आयोग की धनराशि से कराया जाएगा। निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता कप्तान सिंह ने बताया जून में नहरों की सफाई का खाका तैयार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। शीघ्र धनराशि मुहैया कराए जाने की संभावना है।