फतेहपुर। आखिर मुहिम रंग लाई। जल्द ही शहर के ज्वालागंज स्थित रोडवेज बस अड्डा का कायाकल्प शुरू हो जाएगा। बस अड्डे के यार्ड नवीनीकरण का इस्टीमेट पास हो गया है। यार्ड के पूरे परिसर को ऊंचा किया जाएगा। परिवहन विभाग सिर्फ यार्ड को ऊंचा कर उसे ढाल युक्त बना देगा, जिससे यार्ड में जलभराव न हो। बस अड्डे की बदहाली को लेकर लगातार जन शिकायतों के आधार पर अमर उजाला ने सिलसिलेवार अभियान चलाया। बारिश में बदइंतजामी का शिकार बस अड्डा यात्रियों के लिए नरक से कम नहीं होता है। हालांकि रोडवेज बस अड्डा की बदहाली से अभी पीछा छूटने वाला नहीं है। बस अड्डे की मरम्मत सिर्फ इतनी होगी कि यात्रियों को ठोकर न लगे और बारिश में यार्ड तालाब जैसा न दिखे। इसलिए परिवहन विभाग सिर्फ यार्ड को ऊंचा कर उसे ढालयुक्त बना देगा, जिससे यार्ड में जलभराव न हो। प्रतीक्षालय, शौचालय और अन्य किसी भवन के जीर्णोद्धार के लिए व्यवस्था फिलहाल नहीं होनी है। बस अड्डे की पिछले कई सालों से हालत दयनीय बनी हुई है। परिसर के पूरा यार्ड तालाब में तब्दील हो गया है। बसें यार्ड के अंदर आने जाने में फंस जाती हैं। बस अड्डे की बदहाली से विभाग की आमदनी भी काफी कम हो गई है। प्रतिदिन साढ़े सात लाख रुपये से आठ लाख रुपये की आमदनी हो रही है। जबकि इससे पहले नौ लाख से दस लाख रुपये की आमदनी थी। बस अड्डा के प्रतीक्षलय में खुलेआम अवैध तरीके से कैंटीन चल रही है। इससे प्रतीक्षालय में गंदगी और बढ़ रही है। विभाग इस अवैध कैंटीन संचालन की अनदेखी किए है।
‘बस अड्डे का अलग-अलग तरीके से कई बार इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। अंतिम इस्टीमेट में यार्ड मरम्मत के लिए 60 लाख का इस्टीमेट बनाया गया था। पीडब्लूडी विभाग ने भी डीएम के माध्यम से कई बार सुंदरीकरण का इस्टीमेट बना कर विभाग को भेजा गया था लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।’ - डीके मिश्रा, जेई, निर्माण खंड, परिवहन विभाग
‘बस अड्डा मरम्मत के लिए कई बार एमडी को पत्र लिखा गया है। निर्माण कार्य की कोई जानकारी नहीं है। मरम्मत कराने का इस्टीमेट निर्माण विभाग को जाता है।’ - एसके लाल,एआरएम
‘बस अड्डे के यार्ड नवीनीकरण का इस्टीमेट पास हो गया है। यार्ड के पूरे परिसर को ऊंचा किया जाएगा। बहुत जल्द ही कार्यदायी विभाग को धनराशि भेज दी जाएगी। जल्द ही बस अड्डा कीचड़ मुक्त हो जाएगा।’ - नीरज सक्सेना, आरएम, कानपुर