फतेहपुर। जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकारी स्तर पर घोषणाएं जरूर की जाती हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। हालत यह है कि जिले में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बने स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों को सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। न तो खेलने के लिए बेहतर पिच है और न ही कोच व संसाधन। ऐसे में खिलाड़ियों को न तो मार्गदर्शन मिल पा रहा है और न ही सुविधाएं। शहर के शांति नगर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों को खेलने के लिए पिच नहीं है। क्रिकेट के खिलाड़ियों के लिए पिच का विशेष महत्व होता है। पिच के स्थान पर बड़ी बड़ी कटीली झाड़ियां उगी हुई हैं। इसके अलावा खेलने के लिए गेंद, बैट व अन्य सामग्रियां भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। ऐसे में क्रिकेट खिलाड़ियों को स्वयं ही गेंद व बैट लेकर पहुंचना पड़ता है। इसी प्रकार स्टेडियम में स्वीमिंग पूल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबाल खेलों के खिलाड़ी कोच न होने की वजह से नजर नहीं आ रहे हैं। इसी प्रकार इन गेमों के संसाधन भी नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रविकांत मिश्रा ने बताया कि गांव गांव में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जिले में ऐसी प्रतिभाएं हैं जिन्हे यदि मौका मिले तो राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का परचम लहरा सकती हैं लेकिन यहां संसाधनों का टोटा है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने के लिए खेलकूद मंत्री से मिलकर समस्याएं बताई जाएंगी। उप क्रीड़ा अधिकारी सांजीव कुमार वर्मा ने बताया कि स्टेडियम में पिच बनवाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही संसाधनों की खरीदफरोख्त की जाएगी।