फतेहपुर। सूखे की मार से परेशान किसानों को कहीं से भी राहत की उम्मीद नहीं दिख रही हैं। खरीफ की ज्यादातर फसल को सूने ने निगल लिया। जो फसल बची है, वह खाद पानी के अभाव में नष्ट हो रही है। इतना ही नहीं रबी सीजन के लिए बीज की किल्लत साफ दिख रही है। उद्यान विभाग ने आलू किसानों को बीज देने से हाथ खड़ा कर दिया है। ऐसे में किसान पूरी तरह से बाजार के सहारे हैं। बाजार में उन्हें महंगे दर पर खाद खरीदनी पड़ रही हैं तो आलू के लिए भी वे मुंहमांगी कीमत चुकाने को विवश हैं। क्योंकि पखवारेभर में ही आलू की बुवाई शुरू करनी है। लगातार किसानों की ओर से मिल रही शिकायतों की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला ने पड़ताल की। इस दौरान किसानों की बेबशी की तस्वीर साफ दिखी। समितियों पर खाद व बीज के लिए किसान भटकते मिले। सभी का दर्द एक जैसा है। खाद व बीज की उपलब्धता हो जाए तो सूखे की मार से कराह रहे किसानों को संजीवनी मिल सकती है। समिति पर जहां यूरिया 311 रुपया प्रति बोरी है वहीं बाजार में यह 425 से 450 तक बिक रही है।
फोटो 6- हरिहरगंज सहकारी समिति में पसरा सन्नाटा
सीन- 1 साधन सहकारी समिति हरिहरगंज में खाद के अभाव में सन्नाटा पसरा हुआ है। समिति के सचिव श्यामसुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग पखवारे भर पहले विभाग के पास डिमांड भेजी गई थी खाद के लिए पैसा भी जमा करा दिया गया है, लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई है। उधर, हाल यह है कि खाद के लिए आसपास गांवों के किसान लगातार चक्कर लगा रहे हैं। समिति में मौजूद किसानों ने बताया कि पैसा हाथ में लेकर खड़े हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है।
14- हुसैनगंज की बंद साधन सहकारी समिति
सीन- 2 साधन सहकारी समिति हुसैनगंज में खाद के लिए किसान चक्कर लगाकर थक चुके हैं। समिति में मौजूद किसानों ने बताया कि लगातार आश्वासन के बाद भी हर बार टरका दिया जाता है। किसानों का कहना है कि समय के भीतर खाद न मिली तो फसल पर लगाई गई रकम भी डूब जाएगी। उधर समिति के सचिव रवींद्र यादव ने बताया कि एक सप्ताह पहले यूरिया आई थी। अब खत्म हो गई है। विभाग के पास डिमांड बनाकर खाद का पैसा जमा कर दिया गया है। खाद आते ही किसानों को दी जाएगी। किसान खाद की आस में आकर लौट जाते हैं। कहा कि वह जल्द आपूर्ति के लिए बात करेंगे
सीन- 3 भिखारीपुर साधन सहकारी समिति में किसानों को जद्दोजहद के बाद खाद मिली है। यहां भी खाद के लिए किसानों के बीच मारामारी देखने को मिले। सहकारी समिति के सचिव लालबहादुर सिंह ने बताया कि खाद के लिए पैसा जमा करने के पंद्रह दिन बाद एक ट्रक (300 बोरी) यूरिया खाद मिली है। उन्होंने बताया कि मांग के अनुरूप गोदाम में उपलब्ध नाकाफी है। स्टॉक में मौजूदा जितना माल है एक ही दिन में खत्म हो गया। खाद न मिलने के कारण किसान भी आए दिन होहल्ला करते हैं।
क्या क हते हैं जिम्मेदार
‘सितंबर माह में दो हजार लाख टन का एलाटमेंट है। इफको से जैसे-जैसे खाद आ रही है, सभी समितियों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है।’ - रामशंकर- जिला प्रबंधक, पीसीएफ
उद्यान विभाग के पास आलू बीज नहीं
फतेहपुर। आलू बुआई की किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। अगेती आलू के लिए 25 सितंबर से अक्तूबर के पहले सप्ताह तक बुआई का अच्छा समय होता है। जिला उद्यान प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि इस समय पोखराज, स्पेशल वन और कुछ अन्य प्रकार की आलू के बीज की नई प्रजातियाें की बुआई का अच्छा समय है। विभाग ने 1500 कुंतल आलू के बीज की डिमांड भेजी गई है। अभी तक बीज की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। संभवत: 15 अक्टूबर तक आलू बीज की रिपोर्ट आ जानी चाहिए। इसके बाद आवंटन की प्रक्रिया की जाएगी।