फतेहपुर। अपने लिए जिए तो क्या जिए, ये दिल-ये जां है तुम्हारे लिए। कुछ इसी अंदाज में शनिवार को दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए महादानी सामने आए। जज्बा और जोश का आलम यह था कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर विश्व रक्तदान दिवस पर न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाएं व किशोर भी महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए खिंचे चले आए। सब की चाहत ऐसी जिंदगी जीने की थी जो दूसरों के लिए भी काम आए। तभी तो रक्त दान करते समय महादानियों के चेहरे खिले नजर आए। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक चले अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में 17 महादानियों से ही रक्त का दान लिया जा सका। अन्य 31 रक्तदाताओं ने अगले ब्लड डोनेशन कैंप के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। यह दीगर था कि जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में ब्लड को संरक्षित रखने व स्टोरेज क्षमता कम होने वजह से सहभागी बनने आए चेहरों में तमाम को निराश होना पड़ा। बताते चलें कि जिला अस्पताल की ब्लड में पहले से ही 13 यूनिट ब्लड है। सदर अस्पताल के ब्लड बैंक यूनिट में लगे ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन सीएमओ डॉ. मुरारी प्रसाद वर्मा व सीएमएस डॉ. ओपी द्विवेदी ने किया। सीएमओ ने कहा यह नेक प्रयास है जो दूसरोें को जीवन देने के लिए फिर से काम आएगा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का सारथी बनने वालों को महादानी की संज्ञा दी। उन्होंने फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए आगे भी ऐसे आयोजनों की दरकार बताई।
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आठ महीने के अंदर तीसरी बार अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है। यह नेक प्रयास है जो दूसरोें को जीवन देने के लिए काम आएगा। ब्लड बैंक की किल्लत को समय-समय पर सही मायने मेें अमर उजाला फाउंडेशन ने समझते हुए जिस तरह सहयोग का बीड़ा उठाया है और इसे सार्थक करने के लिए रक्तदाताओं की जमात सामने आई है वह काबिलेगौर है। डॉ. मुरारी प्रसाद वर्मा, सीएमओ जिला अस्पताल
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अगर इसी तरह से इंसान दूसरे इंसान के काम आना सीख जाए तो फिर शायद किसी की खून की कमी से मौत नहीं होगी। विनोद कुमार सिंह। पुलिस अधीक्षक फतेहपुर
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अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयासों ने उम्मीदों की बुझती किरण को रोशनी देने का काम किया। डॉ. रेखारानी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल।