फतेहपुर। होश ओ हवास खो बैठी छात्रा पांच माह से शोहदे की प्रताड़ना और धमकियों का शिकार बन रही थी। जब धमकियां सच्चाई के तौर पर सामने आईं तो वह बर्दाश्त नहीं कर सकी। जिससे उसकी हालत बिगड़ी है। छात्रा के दिमाग में पुरानी तस्वीरें उभरकर सामने आ जाती हैं। एसपी की सख्ती पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी की है, लेकिन आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।
जिला अस्पताल से कक्षा ग्यारह की छात्रा को डाक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर किया था, लेकिन परिजनों ने छात्रा को यहीं एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। डाक्टरों के मुताबिक गहरे अवसाद से हालत और बिगड़ गई है। परिजनों ने बताया कि छात्रा को पिछले पांच माह से ऋषि मिश्रा प्रताड़ित करता था। उसे स्कूल आने जाने के समय लगातार धमकियां देता था। दुस्साहसिक शोहदे ने एक बार घर के बाहर आकर चीख पुकार मचाकर हंगामा किया था। शोहदे को समझा बुझाकर भगा दिया गया था। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं आ सका। छात्रा को स्कूल जाते समय तेजाब फेंक कर जला देने और उसके परिजनों को पीटने की धमकियां दी थी। शोहदों ने छात्रा के चाचा की बेरहमी से पिटाई और उनकी दुकान में तोड़फोड़ करके यह बता दिया वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसके चलते ही वह दहशत में आ गई है। वहीं पुलिस मामले में सुस्त है। पुलिस के हाथ से घटना को अंजाम देने वाले आरोपी नहीं पकड़े जा सके हैं। गौरतलब रहे कि पीड़ितपरिजनों ने एक सप्ताह पहले छात्रा से छेड़खानी की शिकायत आरोपियों के परिजनों से की थी। इसी से नाराज होकर छात्रा के चाचा की शोहदों शुक्रवार को पिटाई कर दी थी। कोतवाली प्रभारी गुरुमुख सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश में छापेमारी की गई है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है इलाज चल रहा है। छात्रा गहरे सदमे में है।