फतेहपुर। जनपद के आम शहरियों को भारी भरकम घरेलू गैस सिलिंडर से निजात दिलाने के लिए पाइप लाइन बिछाने की तैयारी है। आम शहरियों के घरों में पाइप लाइन के माध्यम से घरेलू गैस पहुंचाने की परियोजना का कानपुर में बुुधवार को शुभारंभ भी किया जा चुका है। परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए कंपनी की तीन अलग-अलग टीमों ने जिले में अपना सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। पीएनजी गैस पाइप लाइन जिले भर के 1157 किलोमीटर की परिधि में बिछाई जाएगी। इस काम में कार्यदायी कंपनी तकरीबन नौ सौ करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट खर्च करने वाली है।
पाइप लाइन के माध्यम से जनपद की शहरी आबादी को घरेलू गैस कनेक्शन दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है। अब योजना के जमीन पर उतरने का सभी को बेसब्री से इंतजार है। चूंकि योजना महानगरों के स्टेटस की है, इसलिए योजना के लागू होने को लेकर आमजन में कौतूहल भी है। सरकार ने जनपद में पीएनजी गैस पाइप लाइन
बिछाने की जिम्मेदारी दिल्ली की इंद्रप्रस्था गैस कंपनी को दी है। कंपनी जनपद में घरेलू गैस पाइपलाइन बिछाने के साथ ही सीएनजी स्टेशन भी खोलेगी। जिससे जनपद में सीएनजी से संचालित वाहनों की संख्या में भी इजाफा होगा और पेट्रोल एवं डीजल चलित वाहनों से फैल रहे प्रदूषण के स्तर में गिरावट आएगी। इस तरह से परियोजना के माध्यम से सुविधा एवं स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। अभी तक आम घरों में लिक्विड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी गैस का सिलिंडर का प्रयोग होता है। अब पाइप लाइन के जरिए पीएनजी यानी पाइप नेचुरल गैस घरों में पहुंचाए जाने की तैयारी है।
वर्तमान में साढ़े चार लाख हैं गैस कनेक्शनधारक
जनपद में इंडेन गैस, भारत गैस और एचपीसीएल कंपनी की गैस एजेंसियां फिलहाल काम कर रही हैं। इन तीनों के ग्राहकों की संख्या भी अलग-अलग है। तीनों को मिलाकर जिले भर में तकरीबन साढ़े चार लाख कनेक्शन धारक हैं।
इनसेट-
गैस कंपनियां और उनके उपभोक्ता एक नजर में ...
कंपनी उपभोक्ता
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आईओसी - 3,40,000
बीपीसीएल - 72,000
एचपीसीएल - 33,000
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कुल उपभोक्ता - 4,45,000
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बयान-
हम जनपद में घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के गैस कनेक्शन पाइप लाइन के माध्यम से देंगे। इस काम को करने में हमें आठ वर्ष का समय लगेगा। आठ साल की अवधि में हम शुरुआती दौर में जिले की डेढ़ लाख शहरी आबादी को पाइप लाइन के जरिए पीएनजी गैस की सप्लाई से जोड़ देंगे। हमारी टीम ने इस दिशा में सर्वेक्षण कार्य भी पूरा कर लिया है। - शीतल शर्मा, चीफ मैनेजर, आईजीएल
एलपीजी- यह गैस हवा में दो प्रतिशत आक्सीजन होने पर भी ज्वलनशील होती है। कम प्रवाह पर भी ज्यादा ज्वलनशील होती है। हवा से भारी होने के कारण आसपास के परिवेश को तेजी से आग के लपेटे में ले लेती है। एलपीजी की आग अपने आसपास के लोगों को दम घुटने में प्रबल होती है। सिलिंडर के स्वरूप में आने के कारण महंगी भी होती है।
पीएनजी- एलपीजी की अपेक्षा 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ती होती है। हवा से हल्की होती है और एलपीजी की अपेक्षा कम ज्वलनशील होती है। लिकेज होने पर आग नहीं पकड़ती और गैस हवा में उड़ जाती है। इसे जलने के लिए दस से बारह प्रतिशत आक्सीजन चाहिए होती है। इसका संचार नल की तरह होता है। आवश्यकतानुसार खोलिए और प्रयोग करिए। इसमें सिलिंडर फटने का कोई खतरा नहीं होता।
फोटो- 12- कलक्टरगंज में एक एजेंसी के सामने लाइन लगाए उपभोक्ता
जिले के 1157 किलोमीटर दायरे में बिछेगी गैस पाइप लाइन
नौ सौ करोड़ की लगेेगी लागत, घर-घर पीएनजी गैस पहुंचाने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो