अमर उजाला ब्यूरो
बिंदकी(फतेहपुर)। कोतवाली क्षेत्र के जनता गांव निवासी कार चालक अभय दीक्षित व नगर के घियाही गली के किराना व्यवसायी आशीष गुप्ता का नोएडा से शव आते ही कोहराम मच गया। परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है।
बिंदकी की घियाही गली निवासी आशीष गुप्ता पत्नी आरती और जहानपुर मोहल्ला निवासी रामबाबू शुक्ला की पत्नी आरती शुक्ला अपने भाई वीरेंद्र शुक्ला के साथ कोतवाली क्षेत्र के जनता गांव निवासी वाहन चालक अभय दीक्षित के साथ रविवार रात नोएडा के लिए निकली थीं। दोनों महिलाओं को एलटी परीक्षा देनी थी। नोएडा में सड़क हादसे में आशीष गुप्ता और अभय दीक्षित की मौत हो गई थी। आरती गुप्ता, आरती शुक्ला व वीरेंद्र का इलाज चल रहा है।
दोनों के शव मंगलवार को घर लाए गए। शव आते ही कोहराम मच गया। आशीष के शव का अंतिम संस्कार खजुहा रोड स्थित आर्य समाज के श्मशान घाट में और अभय का अंतिम संस्कार चंडिका माता गंगा घाट बक्सर में किया गया। आशीष अपने पीछे घायल पत्नी आरती, पुत्र निहाल व नवल को छोड़ गए।
अभय अपने पीछे पत्नी, पुत्र हिमांशु, रिशु, छोटू को छोड़ गया। अभय के वृद्ध पिता संकठा प्रसाद गांव में पान मसाले की गुमटी रखकर बमुश्किल खर्च निकाल पाते हैं। अभय इनका मजबूत सहारा था। अंतिम संस्कार में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयालु दयालु गुप्ता व नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मुन्नालाल सोनकर सहित विभिन्न राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों के लोग शामिल रहे।
व्यापारी व चालक का अंतिम संस्कार, महिलाओं की हालत नाजुक
- चालक व व्यापारी का शव आते ही मचा कोहराम