फर्जी तरीके से खाद्य एवं रसद मंत्री की बहू के नाम बैनामा की गई बेशकीमती जमीन ट्रस्ट में वापस हुई है। जमीन का वाद खागा तहसील कोर्ट में चल रहा था।
कोर्ट के आदेश पर जमीन को पुनर्स्थापन किए जाने के आदेश दिए गए हैं। भूमि श्रीकती विश्वामित्र विद्यापीठ ट्रस्ट गाजियाबाद के नाम दर्ज किए जाने का आदेश 14 दिसंबर 2020 को कोर्ट ने किया है।
यह करीब 30 बीघा जमीन खागा तहसील हथगाम परगना अंतर्गत बैगांव गांव स्थिति है। जमीन खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह की जिला पंचायत सदस्य बहू अनामिका सिंह पत्नी आदित्य सिंह निवासी अल्लीपुर बहेरा और मां वैष्णो बालिका इंटर कालेज समिति प्रबंधक मैकू निवासी सैदपुरा खरगूपुर बरगला के नाम थी। इन्होंने ट्रस्ट बदलवा दिया था।
खागा तहसीलदार की कोर्ट ने जमीन पर आदेश किया है कि तथा कथित अथार्टी ट्रस्ट श्रीकती विश्वामित्र विद्यापीठ ट्रस्ट, गाजियाबाद को निर्देश कुमार मिश्रा द्वारा फर्जीवाड़ा कर बेचने का हलफनामा दिया है।
जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और भूमि को फिर से ट्रस्ट के नाम दर्ज होने का आदेश किया है। जमीन निर्देश ने 2014 में ट्रस्ट अथार्टी बनकर मां वैष्णो बालिका इंटर कालेज समिति और गुरु प्रसाद, रवींद्र प्रसाद, गोविंद प्रसाद को बेच डाली थी। मां वैष्णो बालिका इंटर कालेज समिति खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह की है।
मामले के वादी हथगाम के सेमरामानापुर दामोदरपुर निवासी जयचंद्र यादव है। वह जमीन के मुख्ताराम हैं। उन्होंने जमीन के संबंध में कोर्ट के जरिए 28 जून 2016 को निर्देश कुमार मिश्रा निवासी अरैल नैनी प्रयागराज, मैकू निवासी सैदपुरा खरगूसराय बरगला थाना सुल्तानपुर घो, प्रबंधक वैष्णो बालिका इंटर कालेज, गुरुप्रसाद, गोविंद प्रसाद, रवींद्र कुमार निवासी नौबस्ता बैगांव, अनूप सिंह निवासी सैदपुरा, निवासी पप्पू सिंह अल्लीपुर के खिलाफ जमीन की हेराफेरी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
यह जमीन श्रीकती विश्वामित्र विद्यापीठ ट्रस्ट, गाजियाबाद की है। उन्होंने एफआईआर में स्पष्ट किया कि सर्वराकार प्रेम नारायण श्रीवास्तव की मौत के बाद प्रमोद सिंह निवासी शहर बाग प्रयागराज प्रबंधक हुए।
इसके बावजूद विक्रेता निर्देश कुमार मिश्रा ने फर्जी अथार्टी और आईडी के जारिए गुरु प्रसाद, रवींद कुमार को 19 फरवरी 2014 में बैनामा किया था।
बैनामा खागा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में हुआ था। ट्रस्ट की संपत्ति कोर्ट के आदेश पर ही बेंची जा सकती है। बैनामे में गवाह अनूप और पप्पू रहे। एसडीएम प्रहलाद सिंह ने बताया जमीन ट्रस्ट को वापस हुई है।