असोथर (फतेहपुर)। हाट शाखा क्रय केंद्र में धान बेचने वाले किसानों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। केंद्र प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी की और धान की खरीद में तौल के मानक का विरोध किया। केंद्र प्रभारी पर साठगांठ से धान खरीदने का आरोप भी लगाया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि क्रय केंद्र में पड़े धान की तौल न कराई गई तो कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
कस्बा में समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए हाट शाखा का केंद्र क्रय खुला है। एक महीना में चार किसानों का 285 क्विंटल 60 किलो धान खरीदा गया है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र में 20 दिन से धान के ढेर लगे हैं। केंद्र प्रभारी की सुस्ती के चलते धान की तौल नहीं हो रही है। असोथर के किसान विश्राम सिंह ने बताया कि बेचने के लिए क्रय केंद्र में 20 दिन से ट्रैक्टर लेकर आए हैं। केंद्र प्रभारी पहले धान को गीला बता रहे थे। अब धान
सूख गया है, तो ट्रैक्टर लाकर पंखा से ओसाई कराने की बात कर रहे हैं। किराये का ट्रैक्टर लाना और मजदूरों से ओसाई कराई तो 150 से 200 रुपये क्विंटल का खर्च आ जाएगा। किसान शिवकुमार ने बताया कि बुधवार को केंद्र प्रभारी ने बिना ओसाई के धान की तौल कराई है। जो किसान केंद्र प्रभारी से साठगांठ कर लेते हैं। उनके धान की तौल करा ली जाती है। धान की तौल कराने में केंद्र प्रभारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। यही हालत रही तो क्रय केंद्र से धान को ले जाकर दूसरी जगह बेचना पड़ेगा। इस मौके पर रमाकांत, मनोज, घनश्याम, रमेश, विनोद कुमार, सुरेश कुमार मौजूद रहे।
केंद्र प्रभारी संजीव कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। जो धान क्रय केंद्र में लगे हैं, उसमें नमी है। सरकार 20 रुपये क्विंटल की दर से किसानों को ओसाई, तौलाई का रुपया देती है। किसान अपने धान की ओसाई कराएं, फिर धान की तौल कराई जाएगी।
डिप्टी आरएमओ रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसान कटौती देकर धान की तौल कराना चाहते हैं, लेकिन बिना कटौती के मानक के अनुसार धान की तौल कराई जाएगी। इसके अलावा अभी कोटेदारों के राशन का उठान चल रहा है। इससे भी धान की खरीद सुस्त है। 30 नवंबर के बाद धान खरीद में तेजी जाएगी।
बिचौलियों के माध्यम से की जा रही खरीद
समर्थन मूल्य के धान खरीद में केंद्र प्रभारियों का खेल शुरू हो गया है। किसानों के धान को मानक विहीन बताकर मिलर्स व बिचौलियों के माध्यम से खरीद की जा रही है। ज्यादातर क्रय केंद्रों में धान की तौल बंद है। जिन किसानों के धान का ढेर क्रय केंद्रों में पड़ा है। वह अपनी खतौनी, बैंक खाता बिचौलियों को देकर औने-पौने दाम पर धान की तौल कराते हैं।
12- असोथर क्रय केंद्र में हंगामा करते किसान।
केंद्र प्रभारी के खिलाफ किसानों ने की नारेबाजी
- धान की खरीद में तौल के मानक का विरोध किया
अमर उाला ब्यूरो
फोटो- 36- औंग गांव में निरीक्षण करते जिलाधिकारी
सह फसली खेती को बढ़ावा देने पर जोर
डीएम ने प्रगतिशील किसानों के प्रयासों को सराहा
औंग। मलवां विकास खंड के औंग गांव में किसान शैलेंद्र पटेल की अपनाई सहफसली बागवानी व औषधीय खेती को देखने डीएम आंजनेय कुमार सिंह गुरुवार सुबह पहुंचे। उन्होंने बिंदकी के तहसीलदार न्यायिक धीरेंद्र प्रताप सिंह के निजी प्रयास की सराहना करते हुए सहफसली खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। किसान ने अनार की फसल के साथ कौंच (केवांच) की औषधीय खेती की है।
जिलाधिकारी ने किसानों को स्मार्ट तरीके से खेती करने को कहा। उन्होंने बताया इस तरह की खेती को आम के आम गुठलियों के दाम कहते हैं। पहले अनार की फसल ले ली गई और अब केवांच की फसल ली जा रही है। इस खेती को प्राथमिक स्तर पर प्रयोग में लाने वाले तहसीलदार न्यायिक ने बताया इसकी फसल की रोपाई जून-जुलाई पहली बारिश के बाद तीन बाई तीन फीट 9 वर्ग फिट में नालीदार खेत को बनाकर की जाती है। यह फसल एक पेड़ में पांच से सात किलो तैयार होती है और इसकी कीमत बाजार में 40 से 55 रुपये किलो हरी सब्जी के रूप में और सूखने पर इसका बीज और इसके छिलके औषधीय के लिए हाई बीपी, शुगर, नपुंसकता आदि में काम में आती हैं। इस मौके पर श्रीचंद्र आर्य, एसडीएम बिंदकी सुनील कुमार गोंउ भी रहे।