पौने दो लाख में बनिए गोपालक
फतेहपुर। महंगी कामधेनु योजना का लाभ न ले पाने वालों के लिए राहत की खबर है। अब आप पौने दो लाख रुपये खर्च कर अच्छे गोपालक बन सकते हैं। प्रदेश सरकार ने पांच से दस मवेशियों वाली योजना शुरू की है।
सपा सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पाद बढ़ाने के लिए कामधेनु योजना शुरू की थी। अधिक लागत और जटिल शर्तें होने से आम पशुपालकों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। कई लोग मवेशी पालने के इच्छुक थे लेकिन बैंक से लोन ही मंजूर नहीं हुआ। इस योजना का लाभ पूंजीपति उठा रहे थे। योगी सरकार ने कामधेनु योजना बंद कर गोपालक योजना शुरू की है।
पशुपालक पांच या 10 पशुओं से डेयरी खोल सकते हैं। यह नौ लाख रुपये की योजना है। इसमें लाभार्थी को एक लाख 80 हजार रुपये लगाना(टिनशेड निर्माण व व्यवस्था के लिए) होगा। सात लाख 20 हजार रुपये लोन दिया जाएगा।
लोन व ब्याज की रकम समय से चुकाने पर पांच साल तक 40 हजार रुपये हर साल बैंक खाते में अनुदान आ जाएगा। सात लाख 20 हजार रुपये में दुधारू मवेशी खरीदने हैं। इन्हें पशु मेला से खरीदा जा सकता है। इसमें पशुपालक पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा।
- यूपी सरकार की नई योजना, मिलेगा सात लाख का लोन, पांच पशुओं से शुरू कर सकेंगे डेयरी, अनुदान खाते में
इस तरह से होगा चयन
क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी को आवेदन देना होगा। बैंक से लोन की सहमति पत्र देने वालों को वरीयता दी जाएगी। चिकित्साधिकारी अपनी रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को देंगे। इसकी सूची निदेशालय को देनी होगी। डेयरी लगाने में असमर्थ लाभार्थियों के नाम प्रतीक्षा सूची में रखे जाएंगे। चयन सूची शासन को भेजी जाएगी। चयन समिति के अध्यक्ष सीडीओ रहेंगे।
पशु खरीदने का मापदंड
किसी पशुमेला से दुधारू पशुओं को खरीदना होगा। इसमें सुबह-शाम 10-10 लीटर दूध देने वाले पशु होने चाहिए। पशु रोगमुक्त व स्वस्थ होने चाहिए। पशुओं का बीमा पशुधन बीमा योजना से कराना जरूरी है।
दो किस्त में मिलेगी रकम
लोन की धनराशि पशुपालक को दो किस्त में मिलेगी। पहली किस्त में पांच और दूसरी किस्त में पांच मवेशी खरीदने होंगे। यदि कोई पशुपालक पांच मवेशी ही रखना चाहता है तो उसे बैंक व पशुपालन विभाग को लिखित सूचना देनी पड़ेगी। 60 सामान्य किस्तों में लोन व ब्याज को जमा करना होगा। किस्त छह महीना बाद शुरू होगी। बैंक में समय से भुगतान न होने पर अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रराज सिंह ने बताया कि गरीबों को ध्यान में रखकर गोपालक योजना शुरू की गई है। कामधेनु योजना का लाभ गरीब नहीं ले पा रहे थे। गोपालक योजना का तीन महीने में निरीक्षण किया जाएगा। सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट ली जाएगी। अपर निदेशक के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।