अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। संक्रामक बीमारियों के प्रकोप के आगे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बौनी साबित हो रही हैं। उल्टी दस्त और बुखार के साथ डेंगू और मलेरिया ने भी पांव पसार लिए हैं। असोथर के बेसड़ी गांव में बुखार से एक किसान की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग बीमार हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार बेसड़ी निवासी माखन लाल सविता (45) को दो दिन पहले बुखार आया था। उनका गाजीपुर के नर्सिंगहोम में इलाज चल रहा था। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजन नर्सिंगहोम ले गए जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसी गांव के सूरज दीन यादव (65) दो दिन से बुखार से पीड़ित थे और एक क्लीनिक में इलाज करा रहे थे। शनिवार की शाम हालत गंभीर होने पर उनकी मौत हो गई। गांव में सुरेश, दिनेश, राजीव, मोनू, कुलदीप, धर्मेंद्र समेत दो दर्जन लोग बीमार हैं। इसी प्रकार हरनवां, प्रेम मऊ कटरा, कंधिया, जमलामऊ, बेरुई, सरकंडी, कठौता गांवों में भी बीमारी फैली है।
निहालपुर में एक घर में कई बीमार
हथगाम (ब्यूरो)। निहालपुर के मजरे गंगारामपुर गांव में एक हफ्ते से बीमारी से लोग जूझ रहे हैं। यहां आकाश की पिछले दिनों मौत हो चुकी है, जबकि भाई विकास (10) व मां सुभद्रा, बहन महक (6) बीमार हैं। गांव में शिवानी, श्रेय, जगरानी, नीरज भी बुखार की चपेट में हैं। शनिवार को डाक्टरों की टीम गई और 31 लोगों को चिह्नित कर दवाएं दी। टीम में डॉ. हर्ष मिश्रा, फार्मेसिस्ट सूर्यभान पाल, एलटी सत्यभान, नूर उद्दीन, प्रेम प्रकाश, अनिरुद्ध रहे।