फतेहपुर। जनपद के युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगा जा रहा है। उन्हें 15 से 18 हजार रुपये की नौकरी देकर नौ से 15 हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। यह सब सेवायोजन अधिकारियों की आंखों के नीचे चल रहा है। सेवायोजन की तरफ से ही कंपनी को बुलाकर युवाओं का साक्षात्कार कराया जाता है। पिछले 22 नवंबर से अब तक कंपनी लगभग 100 युवाओं को चयनित कर एक लाख रुपये से अधिक वसूल चुकी है।
जनपद में 22 नवंबर से लगातार प्रत्येक दिन एक-एक विकासखंड में रोजगार मेला लगाया जा रहा है। सभी विकासखंडों समेत सेवायोजन कार्यालय में कुल 14 रोजगार मेले लगाए जाने थे। इनमें से 12 मेले लग चुके हैं, जबकि अंतिम दो बाकी हैं। इन रोजगार मेलों में नोएडा की जीडीएक्स सिक्योरिटी कंपनी के प्रतिनिधि युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड व सिक्योरिटी सुपरवाइजर की नौकरी दे रहे हैं। कंपनी गार्ड के लिए 15 हजार रुपये और सुपरवाइजर के लिए 18 हजार रुपये का वेतनमान निर्धारित है।
गार्ड के लिए चयनित अभ्यर्थियों से कंपनी नौ हजार रुपये और सुपरवाइजर पद के लिए कंपनी 15 हजार रुपये प्रशिक्षण के नाम पर ले रही है। 22 नवंबर से छह दिसंबर तक 12 रोजगार मेले लग चुके हैं। प्रत्येक रोजगार मेले में कंपनी औसतन 10 अभ्यर्थियों को चयनित कर रही है। इस तरह अब तक कंपनी 100 से ज्यादा युवाओं को रोजगार दे चुकी है और एक लाख रुपये से अधिक की फीस ले चुकी है। कंपनी का दावा है कि इसके एवज में 15 दिन का प्रशिक्षण, वर्दी, प्रशिक्षण अवधि तक खाना व रहना देती है।
विजयीपुर में आठ अभ्यर्थियों को मिली नौकरी
जनपद के विजयीपुर विकासखंड में शुक्रवार को सेवायोजन कार्यालय की तरफ से कॅरिअर काउंसलिंग व रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 14 प्रतिभागियों की काउंसलिंग की गई। इसमें आठ अभ्यर्थियों को सिक्योरिटी गार्ड व सिक्योरिटी सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दी गई। इन अभ्यर्थियों को 15 से 18 हजार रुपये तक वेतनमान दिया जाएगा। रोजगार मेले में जीडीएक्स कंपनी के रिक्रूटमेंट ऑफिसर राजेंद्र सरगरा व सेवायोजन कार्यालय से चंद्रकिशोर मौजूद रहे। सात दिसंबर को देवमई विकासखंड परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
युवाओं ने कहा मजबूरी है
- असोथर से रोजगार मेले में पहुंचे सौरभ शुक्ला ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए फार्म भर दिया था। प्रशिक्षण के लिए 9200 रुपये और यहां फार्म भरने के लिए 250 रुपये मांग रहे थे। एक महीने का वेतन देकर नौकरी नहीं करेंगे।
- बरइची बहेरा निवासी रामजी ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए फार्म भरा था। उनसे भी 9400 रुपये प्रशिक्षण और फार्म भरने के नाम पर मांगा गया। उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया।
- खासमऊ निवासी राजस्वामी ने बताया कि 15 दिन की ट्रेनिंग के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। नौकरी के नाम पर रुपये लेना उचित नहीं है।
अभ्यर्थियों से प्रशिक्षण के लिए रुपये लिया जाता है। सिक्योरिटी गार्ड के लिए 9 हजार और सिक्योरिटी सुपरवाइजर के लिए 15 हजार रुपये लिए जाते हैं। अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के साथ रहना, वर्दी, खाना, सार्टिफिकेट दिया जाता है। ये 58 साल की नौकरी होती है।
-राम किशन सिंह, डिप्टी कमांडेंट, जीडीएक्स सिक्योरिटी