फतेहपुर। मवेशियों में फैल रही बीमारी से पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। हसवा, विजयीपुर ब्लाक में अफरा की बीमारी से मवेशी ग्रसित हैं। लोगों की सूचना के बाद भी पशुपालन विभाग के अधिकारी बीमार मवेशियों के इलाज की अनदेखी किए हुए हैं।
विजयीपुर ब्लाक के गढ़ा ग्राम पंचायत के शिव प्रसाद की दो भैंस बीमार है। दोनों मवेशियों ने चारा-पानी बंद कर दिया है। पशुपालक ने बताया कि पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को सूचना दी है, लेकिन बीमार मवेशियों का इलाज करने कोई नहीं आया है। बाद में प्राइवेट डॉक्टर को बुलाकर मवेशियों का इलाज कराना पड़ा। हसवा ब्लाक के आशिकपुर औरेइया ग्राम पंचायत के किसान बीरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में कई लोगों के मवेशी बीमार हैं।
इसमें कई दुधारू मवेशी हैं। जो बीमारी की वजह से दूध देना बंद कर दिए हैं। मवेशी जब बीमार होते हैं, तो चारा, पानी धीरे-धीरे कम कर देते हैं। फिर मुंह से चार बहती है। दो बार पशु चिकित्सक को फोन से सूचना देनी चाही। जब फोन नहीं लगा तो बाद में सभी लोगों ने अपने-अपने मवेशियों का प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराए। मुख्य पशु
चिकित्साधिकारी डॉ. आईआर सिंह ने बताया कि अफरा रोग मवेशियों के खराब चारा खिलाने से होता है। बारिश का भीगा हुआ भूसा खिलाने से यह बीमारी होती है। जो किसान पुआल को कतराते हैं और धूल की मात्रा अधिक होती है। उसको खिलाने से अफरा रोग होता है। इसमें मवेशियों के पेट में गैस बनती है और दर्द बढ़ जाता है। मवेशियों को साफ चारा खिलाएं। उन्होंने बताया कि मवेशियों में बीमारी फैलने की जानकारी नहीं है। फिर भी टीम को भेज कर बीमार मवेशियों का इलाज कराया जाएगा।
मवेशियों को लगा अफरा रोग, पशुपालक परेशान
- प्राइवेट डॉक्टरों से बीमार पशुओं का करा रहे इलाज
अमर उजाला ब्यूरो