अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सियासत फिर गरमा गई है। सदस्यों की लामबंदी से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह की कुर्सी डोल गई है। जिला पंचायत के 27 सदस्यों ने डीएम को हलफनामा देकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।
अब सहकारिता राजनीति के दिग्गज उदय प्रताप सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने अनुज वधू डॉ. निवेदिता की कुर्सी बचाने की कमान थाम ली ही। ऐसे में एक बार फिर दो राजनीतिक धुर विरोधी आमने-सामने आ गए हैं।
जिला पंचायत की पांचवीं पंचवर्षीय में अभी तक भाजपा का कब्जा है। भाजपा की डॉ. निवेदिता सिंह ने सपा की किरन देवी को हराकर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की थी। जिला पंचायत की राजनीति के दिग्गज जगनायक सिंह यादव पत्नी की पराजय के बाद से ही जिला पंचायत सदस्यों को एक जुट करने के प्रयास में लगे थे।
चार सितंबर को 27 सदस्य एकजुट होकर डीएम के सामने पेश हुए। गोपनीय तरीके से की गई इस तैयारी की जिला पंचायत अध्यक्ष को भनक तक नहीं लगी। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद 30 सदस्य भूमिगत हो गए हैं। सत्ताधारी दल फिलहाल विपक्ष की रणनीति का सामना करने में चूक गया, लेकिन अब इसकी कमान जिला पंचायत अध्यक्ष के जेठ उदय प्रताप सिंह ने संभाल ली है।
इन्हीं की अगुवाई में डॉ. निवेदिता सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव फतह किया था। सूत्र बताते हैं कि सहकारिता की राजनीति में दिग्गज माने जाने वाले मुन्ना सिंह ने विश्वास पात्रों की टीमें तैयार की हैं। टीमें सदस्यों का पता लगाने में दिन-रात प्रयास कर रही हैं। सदस्यों के घरों के आसपास टीम के सदस्य चक्कर काट रहे हैं।
प्रयास यह भी हो रहा कि पांच सदस्यों को डीएम के सामने पेश कर यह साबित करा दिया जाए कि जबरन उनसे शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। दूसरी ओर जगनायक लाबी इस प्रयास में है कि उनकी संख्या 27 से आगे बढ़े।
जेठ ने थामी डॉ. निवेदिता की कुर्सी बचाने की कमान
दो राजनीतिक धुर विरोधी एक बार फिर आमने-सामने
कौन देगा पटखनी इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म