फतेहपुर। भारतीय कलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ का महीना सबसे ज्यादा गर्म होता है। लेकिन इसबार ज्येष्ठ माह से दस दिन पहले बैशाख महीने में ही तपिश कहर बरपाने लगी है। गुरुवार को लगातार दसरे दिन तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से जनजीवन अस्तव्यस्त है। तेज गर्मी के बीच बिजली की आंखमिचौनी मुसीबत बनी है। तपिश भरा यह मौसम लोगों की परेशानियों का सबब बना है।
खासकर स्कूली बच्चों के लिए गर्मी मुसीबत बनी हुई है। सुबह तो सात बजे स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन दोपहर को 12 बजे के आसपास छुट्टी हो रही है। इससे घर आने में बच्चों को तेज धूप का सामना करना पड़ता है। स्कूल से घर आते-आते बच्चों के चेहरे मुरझा जाते हैं। प्यास बुझाने के लिए बोतल का पानी भी उबाला जैसा गर्म हो जाता है। उमस व गर्मी के विकराल होते ही सड़क किनारे गन्ना के रस, बेल के शर्बत, नींबू शिकंजी, मिल्क शेक,
लस्सी की दुकानें सज गई हैं। राहगीर ठंडा पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। बीते एक सप्ताह में पारा के उतार-चढ़ाव के बाद भी गर्मी का सितम कम नहीं हुआ है। दो दिन से अधिकतम पारा 43 व न्यूनतम पारा 29 पर टिका हुआ है। तेज धूप के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं। दिनभर की तपन में पक्के मकान भी तप जाते हैं। शाम को
मकान के अंदर घुसते ही आग के लपट जैसी गर्मी महसूस होती है। रात का पारा 29 डिग्री पहुंचने की वजह से उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। गर्मी और धूप से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कोई छाता लगाकर निकाल रहा है तो कोई चेहरे को ढककर गर्मी से बचने का प्रयास कर रहा है। बड़े हों या बच्चे किसी न किसी तरह गर्मी से बचने के उपाय अपना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बच्चे नदी, तालाब में डुबकी लगाकर राहत पा रहे हैं।
5- सदर अस्पताल के पास छाता लगाकर घर जाती छात्राएं
सूरज ने दिखाए तेवर, 43 डिग्री पहुंचा पारा
तेज धूप व लू के थपेड़ों से दोपहर में सड़कों, बाजारों में सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
बिजली की आवाजाही ने बढ़ाई टीस
गर्मी के बीच बिजली की आवाजाही ने लोगों को खूब परेशान किया। हालांकि शहर में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन लोकल फाल्ट और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए स्थानीय स्तर पर कटौती जारी है। बिजली की मांग अधिक होने से ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनें जवाब दे रही हैं। एसडीओ ने बताया कि लोकल फाल्टों की मरम्मत के कारण बिजली आपूर्ति रोकना मजबूरी होती है।
डाक्टरों ने एहतियात बरतने की दी सलाह
जिला अस्पताल के डाक्टरों ने बताया कि गर्मी से बचाव जरूरी है। बदन पर सीधे धूप या लू खतरनाक हो सकती है। शरीर को ढकने के बाद ही बाहर निकलें। गला सूखे, बार-बार प्यास लगे, तेज सर दर्द या दस्त व कमजोरी हो तो तुरंत किसी डाक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। दस्त हों तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। ओआरएस या नमक चीनी की घोल लेते रहें।
इनसेट
ऐसे करें गर्मी से बचाव
फुल आस्तीन कपड़े पहनें
सर और चेहरा ढक कर चलें
पानी पीने के बाद ही घर से निकलें
एसी कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं
धूप से आकर तुरंत पानी कोल्ड ड्रिंक न पिएं
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लू व डायरिया के लक्षण
बार-बार प्यास लगना, तेज सर दर्द होना, कमजोरी लगना
चक्कर आना, आखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, पतले दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, त्वचा में झुर्रियां पड़ना, ब्लड प्रेशर लो होना।