फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात दरोगा भानु प्रकाश और अजीत शर्मा गश्त करते हुए पुलिस लाइन से चंद कदम दूर स्थित चौधरी ढाबा पहुंचे। यहां कुछ युवक आपस में गाली गलौज कर रहे थे। मना करने पर युवकों ने दरोगा भानु प्रकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। दूसरे दरोगा ने घटना की जानकारी कोतवाली में दी तो प्रभारी कोतवाल रजनीश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस दो वकीलों समेत चार लोगों को पकड़कर कोतवाली लाई। वकीलों के पकड़े जाने की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता कुंवर सिंह यादव, राजेंद्र यादव, योगेंद्र सिंह, अभिषेक सक्सेना, अमित राजपूत समेत अन्य वकील रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंचे। इन्होंने पकड़े गए वकीलों को छोड़ने को कहा। इस बात को लेकर पुलिस और अधिवक्ताों के बीच तकरार की स्थिति बन गई।
विवाद बढ़ने पर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार और सीओ लेखराज कोतवाली पहुंचे। बीच बचाव के बाद अधिवक्ताओं को छोड़ दिया गया। इस दौरान दरोगा भानु प्रकाश ने नवाबगंज के गांव जरोनी निवासी राहुल और रामरतन के अलावा दो अज्ञात युवकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें एक वकील को गवाह बनाया।
पुलिस ने आरोपी राहुल और रामरतन का लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराया तो शराब पीने की पुष्टि हुई। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया गया।