मोहम्मदाबाद। चार दिन से लापता युवक की हत्या कर उसका शव मदनपुर स्थित ईंट भट्ठे के निकट इटावा-बरेली हाईवे के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया। तीन थानों में से किसी ने उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की थी। परिजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में वजनदार वस्तु से गंभीर चोट आने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
कमालगंज थाने के गांव अलाउद्दीनपुर निवासी नफीस (40) 10 जुलाई को अपने रिश्तेदार निजामुद्दीन के साथ गोवा में मजदूरी करने गया था। वहां काम समझ में न आने पर दोनों 31 जुलाई को ट्रेन से आगरा पहुंचे। इसके बाद एक अगस्त को वह बस से मैनपुरी के बेवर बस स्टैंड पहुंचे। नफीस निजामुद्दीन से बाल कटवाने व दाढ़ी बनवाने की बात कहकर बस स्टैंड से चला गया था। इसके बाद से नफीस लापता हो गया।
निजामुद्दीन ने लापता होने की जानकारी उसके भाई गुड्डू को दी थी। इसके बाद परिजन खोजबीन में जुट गए। बुधवार को इटावा-बरेली हाईवे पर नगला जुलरिया गांव स्थित ईंट भट्ठे के निकट सड़क किनारे झाड़ियों में युवक का शव पड़ा मिला। पुलिस ने छानबीन की। शव की पहचान नफीस के रूप में की। वहां पहुंचे निजामुद्दीन ने पुलिस को बताया कि लापता होने के बाद उसने जानकारी की तो पता चला था कि बेवर में बाल कटवाने वाली दुकान पर नफीस का किसी से विवाद हुआ था। इसके बाद एक कोल्ड ड्रिंक की दुकान पर भी कहासुनी हुई थी।
बेवर में चौकी पर तैनात होमगार्ड नफीस को टेंपो में बैठाकर काली नदी पार मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में मदनपुर के पास छोड़कर चला गया था। वह परिजन के साथ कई बार बेवर, मोहम्मदाबाद व कमालगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पहुंचा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
शव देख नफीस की पत्नी किस्मत तारा, पुत्र उल्फत (13), नवीहार (11) व दिलजान (9) बिलखने लगे। भाई शमशुल उर्फ गुड्डू व भांजे मोहम्मद हसन ने आरोप लगाया कि मारपीट कर नफीस की हत्या की गई है। पुलिस बेवर कस्बा चौकी से होमगार्ड को लेकर आई। पूछताछ में उसने बताया कि एक व्यक्ति ने दुकान का सामान फेंक दिया था। दुकानदारों ने उसके साथ मारपीट की थी। कांवड़ यात्रा में तैनात दरोगा ने उसे छोड़कर आने को कहा था। वह टेंपो से काली नदी तक छोड़ गया था। शव का दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया गया। दाएं हाथ का पंजा व दोनों पैरों के पंजे गायब थे। तीन से चार दिन पूर्व मौत होने की पुष्टि की गई है।
क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि बेवर चौराहे पर जिन दुकानदारों से विवाद की बात सामने आई है, उनसे पूछताछ की जा रही है। होमगार्ड से भी जानकारी ली जा रही है। घटनास्थल और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। (संवाद)
बेवर, मोहम्मदाबाद व कमालगंज के लगाए चक्कर, नहीं दर्ज हुई गुमशुदगी
नफीस एक जुलाई को लापता हो गया था। उसके बाद से ही परिजन उसे खोज रहे थे। नफीस के भांजे मोहम्मद हसन बताते हैं कि वह बेवर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने गए थे। वहां से उन्हें मोहम्मदाबाद कोतवाली भेज दिया गया कि होमगार्ड नफीस को मोहम्मदाबाद क्षेत्र में छोड़ आया था। वहीं गुमशुदगी दर्ज की जाएगी। परिजन मोहम्मदाबाद कोतवाली पहुंचे तो बता दिया गया कि बेवर से वह लापता हुआ है तो वहीं गुमशुदगी दर्ज कराओ या कमालगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हो तो कमालगंज जाकर गुमशुदगी दर्ज करा दो। परिजन कमालगंज थाने भी पहुंचे पर गुमशुदगी किसी ने नहीं दर्ज की।