पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुतलूपुर में शोपीस बना हैंडपंप।
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विकास खंड राजेपुर में पेयजल का भारी संकट है। तकरीबन 2500 हैंडपंपाें वाले इस विकास खंड में ग्रामीणों को पानी के लिए भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए है कि यहां अधिकतर हैंडपंप खराब पड़े हैं। कई शिकायतों के बाद भी जल निगम के कानों पर हैंडपंप ठीक करवाने के लिए जूं तक नहीं रेंग रही है। अधिकारी बजट न होने की बात कह अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
विकास खंड राजेपुर में तकरीबन 2500 हैंडपंप लगे हैं। इन हैंडपंपों में कई दूषित पानी दे रहे हैं तो कई रिबोर के लिए पड़े हैं। कई हैंडपंप मात्र ठूंठ बनकर शो-पीस बने हैं। इस वजह से इस विकास खंड के ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बानगी के तौर पर यदि पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुतलूपुर को ही ले लिया जाए तो यहां मात्र एक हैंडपंप लगा है जो एक वर्ष से रिबोर के लिए पड़ा है।
यहां की रसोइया मुन्नी देवी का कहना है कि हैंडपंप रिबोर न होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। बच्चों को अपने घर से बोतल में पानी लाना पड़ रहा है। वह इसकी शिकायत कई तहसील दिवस समेत उच्चाधिकारियों से दर्ज करा चुके हैं। इसी तरह हरिहरपुर के पास यात्रियों के ठहरने के लिए बने प्रतीक्षालय के पास लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी लगभग डेढ़ साल से रिबोर होने के लिए पड़ा है। मशीन पूरी तरह से गल चुकी है। इस हैंडपंप के खराब होने से यात्रियों को अपना गला तर करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय लभेड़ा में लगे हैंडपंप का भी यही हाल है। एक साल से इसकी ओर भी किसी ने नहीं देखा है। प्रधानाध्यापक रामकिशोर का कहना है कि वह इसकी शिकायत कई बार जल निगम और अन्य उच्चाधिकारियों से कर चुके हैं। हालात यह हैं कि विद्यालय पढ़ने आने वाले नन्हे-मुन्नों को भारी परेशानी हो रही है।
सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति नयागांव की है। इस गांव में तकरीबन 20 हैंडपंप लगे हैं लेकिन उन सभी हैंडपंपो में पीने योग्य पानी नहीं निकल रहा है। पांच हैंडपंप रिबोर के लिए पड़े हैं। कहीं हैंडपंपो में दूषित पानी आ रहा है तो कहीं ठूंठ बने शो-पीस खड़े हैं। प्रधानपति राजू कुशवाह का कहना है कि वह गांव में लगे हैंडपंपों को सही कराने का पूरा प्रयास कर चुके हैं। इसके बाद भी आज तक जल निगम या अन्य अधिकारी ने उनकी एक नहीं सुनी है।
पिथनापुर विद्यालय के एनपीआरसी रामकिशोर का कहना है कि उनके यहां छह हैंडपंप रिबोर के लिए हैं। कई शिकायत के बाद भी इन हैंडपंपों को आज तक ठीक नहीं कराया गया। हैंडपंपों के खराब होने से पूरे विकास खंड में पेयजल की समस्या है। ग्रामीणों को पानी भरने के लिए दूर-दूर गांव में जाकर नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है।