फर्रुखाबाद। शमसाबाद सीएचसी से मोहम्मदाबाद स्थानांतरित होते ही एक्सरे टेक्नीशियन 24 अगस्त से गायब है। शुक्रवार को एक अर्पित सिंह के नाम पर 6 कर्मचारियों की नियुक्ति करने की खबर छपने के बाद एक्सरे टेक्नीशियन का मोबाइल भी स्विच ऑफ जा रहा है। इधर फर्जी नियुक्ति की चर्चा का बाजार गर्म होने के साथ स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है।
स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2016 में एक अर्पित सिंह, उसी जन्मतिथि, निवास स्थान व पिता के नाम वाले पांच अर्पित सिंह की तैनाती होने से फर्जी नियुक्ति की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। मई 2016 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से 403 एक्सरे टेक्नीशियन चयनित हुए। इन चयनित अभ्यर्थियों में एक ही अर्पित सिंह के नाम की नियुक्ति होना बताया जा रहा है। जबकि मानव संपदा पोर्टल पर अर्पित सिंह के नाम से 6 एक्सरे टेक्नीशियन अलग-अलग जनपदों में उसी तिथि से तैनात हैं।
इनमें चार का पता आगरा का है जबकि दो का अन्य स्थान का है। पिता का नाम अनिल सिंह, जन्म तिथि 12 जून 1989 सभी की एक समान है। इनमें एक एक्सरे टेक्नीशियन अर्पित सिंह की तैनाती सीएचसी शमसाबाद में है। हालांकि मई 2016 में जनपद में 6 एक्सरे टेक्नीशियन तैनात हुए थे। इनमें कपिल वर्मा, प्रदीप यादव, भगवती शरण कुशवाहा, विजय शंकर तिवारी, रमेश कुमार ने मई में ही ज्वाइनिंग ले ली थी, जबकि अर्पित सिंह की ज्वाइनिंग 15 दिन बाद जून में बताई जा रही है।
सीएचसी शमसाबाद में ही तैनाती होने के साथ कई वर्षों तक काम किया। सितंबर 2023 में मोहम्मदाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके छह माह बाद ही उन्हें सीएचसी शमसाबाद में संबद्ध किया गया। 24 अगस्त को सीएमओ ने अर्पित सिंह का संबद्धीकरण समाप्त कर मोहम्मदाबाद स्थानांतरित कर दिया। शमसाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. सरवर इकबाल के अनुसार 24 अगस्त को अर्पित सिंह ने खुद की तबीयत होने की जानकारी दी।
लोहिया अस्पताल का पर्चा बनवाकर व्हाट्सएप पर डाल दिया। अवकाश का कोई प्रार्थनापत्र भी नहीं दिया और ड्यूटी पर भी नहीं आए। वहीं मोहम्मदाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. गौरव यादव ने भी एक्सरे टेक्नीशियन के ड्यूटी पर न पहुंचने की जानकारी दी। इससे दोनों सीएचसी में एक्सरे सेवाएं ठप हैं। वही एक्सरे टेक्नीशियन का मोबाइल बंद होने से डॉक्टरों का संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला में अर्पित सिंह नाम के अलग-अलग जनपदों में 6 नियुक्ति का समाचार छपते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए। विभाग में फर्जी नियुक्ति को लेकर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं।