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Farrukhabad News: एक विशेषज्ञ डॉक्टर के सहारे चल रहा महिला अस्पताल

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फर्रुखाबाद। लोहिया महिला जिला अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं का इलाज एकमात्र विशेषज्ञ डॉक्टर के सहारे है। औसतन रोजाना 300 मरीजों की ओपीडी में महिलाओं का इलाज एमबीबीएस कर रहे हैं। स्पेशलिस्ट न होने से ओपीडी में इलाज के नाम पर खानापूरी की जा रही है। बच्चों का इलाज भी एसएनसीयू के संविदा डॉक्टरों से कराया जा रहा है।
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महिला अस्पताल में डॉ. कृष्णा बोस ही एकमात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इनके अलावा डॉ. शशि कटियार, दो एमबीबीएस महिला डॉ. नेहा सिंह व डॉ. तान्या राठौर तैनात हैं। डॉ. जूही पाल, डॉ. अर्चना कठेरिया सीएमओ कार्यालय से यहां अटैच की गई हैं। दो पुरुष चिकित्सकों की भी यहां तैनाती है। वहीं, इमरजेंसी की तीनों शिफ्टों में पांच डॉक्टरों की जरूरत होती है। कई बार डॉक्टर के अवकाश पर रहने अथवा कोर्ट जाने के बाद महिला इमरजेंसी में पुरुष डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी जाती है। ऐसे में इलाज की पूरी जिम्मेदारी स्टाफ नर्स अथवा अन्य छोटे कर्मियों पर होती है। अस्पताल में एक भी नियमित बालरोग विशेषज्ञ नहीं है। एसएनसीयू में एकमात्र बालरोग विशेषज्ञ डॉ. शिवाशीष उपाध्याय हैं। इनके अलावा अन्य तीन एमबीबीएस डॉक्टर संविदा पर काम कर रहे हैं। यही डॉक्टर ओपीडी में बच्चों का इलाज कर रहे हैं। कई बार ओपीडी की सीट खाली रहती है।
सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि समय-समय पर डॉक्टरों की स्थिति से प्रदेश मुख्यालय तक लिखित में अवगत कराया है। डॉ. कृष्णा बोस के भी मात्र पांच माह बचे हैं। नियमित बालरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार दो महीने पहले सीएमएस बनने पर यहां से चले गए। मजबूरी में एसएनसीयू के संविदा डॉक्टरों से ओपीडी में बच्चों को दिखवा रहे हैं।
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