सेंट्रल जेल अधीक्षक का घेराव करती महिलाए।
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भाईदूज पर तिलक के लिए आई बहनों की सेंट्रल जेल के बंदी रक्षकों ने टालने का प्रयास किया। इस पर महिलाओं ने हंगामा कर दिया। सूचना पर जेल अधीक्षक जेल पहुंचे तो उनकी गाड़ी को घेर लिया गया। बाद में महिलाओं की मुलाकात करा दी गई।
भाईदूज पर कई जनपदों से आई महिलाएं सेंट्रल जेल में बंद भाइयों को टीका करने शनिवार को सेंट्रल जेल पहुंचीं। लगभग तीन सौ महिलाएं वहां इकट्ठा थीं। महिलाओें ने जब बंदी रक्षकों से भाइयों से मुलाकात कराने की बात कही तो इन लोगों ने शनिवार को मुलाकात न होने की बात कही। बताया जाता है कि इस पर महिलाएं आक्रोशित हो गईं और हंगामा करना शुरू कर दिया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मुलाकात नहीं कराई गई तो वे लोग गेट के सामने ही धरने पर बैठ जाएंगी।
इसकी जानकारी बंदी रक्षकों ने जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी को दी। कुछ महिलाओं ने इसकी सूचना डीएम को भी दी। कुछ समय बाद जेल अधीक्षक जेल पहुंचे तो महिलाओं ने उनके वाहन को घेर लिया। किसी प्रकार बंदी रक्षकों ने कार को निकाला। महिलाओं का कहना था कि जेल अधीक्षक के आदेश पर मुलाकात नहीं कराई जा रही है। महिलाओं के आक्रोश को लेकर जेल अधीक्षक ने उनकी मुलाकात कराई। जेल अधीक्षक ने बताया कि शनिवार को मुलाकात नहीं होती है। इसलिए मुलाकात नहीं कराई जा रही है। हालांकि बाद में त्यौहार होने की वजह से उनकी मुलाकात कराई गई है।