फर्रुखाबाद। बुखार से पीड़ित महिला की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ससुरालियों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पति की सूचना पर पुलिस पहुंची।
वहीं, मायके वालों ने ससुरालियों पर सही इलाज न कराने का आरोप लगाकर विवाद किया। मऊदरवाजा थाने के गांव चौरसिया मझोला निवासी मधुर शाक्य की पत्नी आरती शाक्य (28) पांच दिन से बुखार से पीड़ित थीं।
मधुर ने शनिवार शाम आरती को चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सुबह करीब सात बजे आरती ने दम तोड़ दिया। इस पर ससुरालियों ने विवाद शुरू कर दिया। मधुर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ देर में पहुंची पुलिस ने जांच की।
इसी दौरान शमसाबाद के गांव ललौर निवासी आरती के पिता अशोक शाक्य और भाई आदेश पहुंचे। उन्होंने ससुरालियों पर आरती का सही इलाज न कराने का आरोप लगाया। उन्होंने मधुर को जेल भिजवाने की धमकी दी। दोनों पक्षों के रिश्तेदारों ने मामला शांत कराया।
आरती के छह साल का पुत्र आरजू है। आरती की वर्ष 2018 में शादी हुई थी। मधुर ने बताया कि ससुरालीजन गलत आरोप लगा रहे हैं। अस्पताल कर्मी सही करने का भरोसा देते रहे और पत्नी की मौत हो गई। इंस्पेक्टर राजीव पांडेय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मायके वालों का हंगामा, नहीं उठने दिया शव
फर्रुखाबाद। इलाज के दौरान मौत के बाद पति ने आरती का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम अंतिम संस्कार की तैयारी करते ससुरालियों को मायके वालों ने शव नहीं उठने दिया। इस पर दोनों पक्षों में हंगामा हो गया।
मायके वाले आरती की बेटी के नाम दो लाख रुपये जमा करने के बाद ही शव उठने देने की बात कहने लगे। रात आठ बजे दोनों पक्ष अंतिम संस्कार की बजाय शव घर ले जाने पर राजी हुए। इसके बाद ही दोनों पक्ष चौरसिया मझोला गांव की ओर रवाना हो गए। (संवाद)