14वें दलाई लामा तेन्जिन ग्यात्सो रविवार को संकिसा से विदा हो गए। वह
शुक्रवार को यहां पहुंचे थे। शनिवार व रविवार को जिले के बार्डर गांव
जसराजपुर में उन्हाेंने धम्म प्रवचन किए। प्रवचन सुनने के लिए 27 देशों से
उनके अनुयायी पहुंचे थे। दलाई लामा ने शुक्रवार को संकिसा में बौद्ध
स्तूप की पूजा की थी। शनिवार व रविवार को मैजसराजपुर में धम्म प्रवचन किए।
रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाक ात के बाद वह दोपहर बाद 1.31
बजे हवाई पट्टी के लिए निकल गए। दोपहर बाद 2 बजे मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी से
चार्टड प्लेन से दिल्ली चले गए। तीन दिनाें में संकिसा प्रवास के दौरान
दलाई लामा ने अहिंसा, शांति, धर्मनिरपेक्षता का संदेश दिया।
प्रवचन
सुनने के लिए श्रीलंका, कोरिया, यूएसए, कंबोडिया, मलेशिया, जापान सहित 27
देशों से अनुयायी पहुंचे थे। इनकी भी अपने देशों के लिए रवानगी होने लगी
है। इनके चेहराें पर बुद्ध के स्वर्ग से अवतरित होनेे वाली माटी पर आने की
बेहद खुशी थी।
दलाई लामा के प्रवचन को सुनकर यह खुद को धन्य मान रहे थे।
इनके चेहरों पर विदाई का गम
भी साफ था। हवाई पट्टी पर राष्ट्रीय बुद्धिस्ट
सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश बौद्ध, राज्यमंत्री आलोक शाक्य आदि
मौजूद रहे। संकिसा से हवाई पट्टी तक जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रहा।
प्रशासन ने फूंक-फूं क पिया मट्ठा
कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के आने के दौरान हेलीपैड पर नेताआें की
धमाचौकड़ी के बाद इस बार प्रशासन अलर्ट रहा। हेलीपैड पर खास लोगाें क ो ही
जाने दिया गया। इससे नेताओं में नाराजगी रही। 27 जनवरी को शिवपाल सिंह
यादव मेडिकल कालेज में हेलीकाप्टर से उतरे थे। हेलीपैड पर नेताआें की भीड़
से अफरातफरी मच गई थी। इस पर शिवपाल यादव नाराज हुए थे।
रविवार को अखिलेश
यादव के आने पर अधिकारियाें ने पुरानी गलतियों से तौबा कर ली। हेलीपैड पर
पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव, सचिन यादव, सुबोध यादव, राज्य मंत्री आलोक
शाक्य, इटावा विधायक रघुराज शाक्य ही पहुंचे। डीएम एनकेएस चौहान, एसपी
विजय यादव के अलावा इन्हाेंने ही अगवानी की। इसके अलावा किसी भी नेता को
हेलीपैड पर जाने नहीं दिया गया।
होटल रायल रेजीडेंसी में सुबोध व विश्वास
गुप्ता ही जा सके। होटल में त्रिस्तरीय सुरक्षा के चलते यहां पहुंचने वाले
कई नेताआें को बैरंग कर दिया गया। हेलीपैड पर न पहुंच पाने से नेता मंडी
के सामने खड़े हो गए थे। फोर्स ने इन्हें यहां से भी कई बार हटाया। बार
बार की रोकाटोकी से पंचशील राजपूत की कायमगंज सीओ अशोक कुमार रावत से
नोकझाेंक होने लगी।
इसके बाद पुलिस ने रस्सियाें की अस्थायी बेरीकेडिंग
बनाई। इसी के पीछे से नेताआें ने होटल जा रहे सीएम का दीदार किया। यहां
राजकुमार सिंह राठौर, दृगपाल यादव, मंदीप यादव, प्रधान संघ के मंडल अध्यक्ष
राजेश यादव, स्वतंत्र यादव, रविपाल यादव, देवेंद्र यादव, अजेय दिनेश यादव,
विजेंद्र सिंह यादव, अनिल यादव, पुष्पेंद्र यादव, उर्मिला राजपूत, सुखदेव
यादव, अल्लारक्खा, अन्ने खां आदि मौजूद रहे।
सचिन और राघव भी मिले दलाईलामा से
अमृतपुर विधायक व पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव के बेटे युवा नेता सचिन
यादव ने भी रविवार को दलाई लामा से गुफ्तगू की। इनकी शिक्षा के प्रचार
प्रसार के लिए चर्चा की। राघव दत्त दीक्षित ने भी दलाई लामा से भेंट की।
दलाई लामा को सचिन ने भरोसा दिला कि वह शिक्षा के प्रचार-प्रासर के लिए
प्रयास करेंगे। वह इसके लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए तत्पर हैं।
दलाई लामा ने स्कूल व लाइब्रेरी के लिए 4 एकड़ जमीन की मांग की। राघव दत्त
दीक्षित ने भी दलाई लामा से भेंट की। 1960 में संकिसा आने के दौरान दलाई
लामा के कुछ समय के लिए इनके घर पर प्रवास किया था। राघव दत्त ने इन्हें
पुरानी तस्वीरें व हस्तलिखित पत्राें की प्रतियाें को फ्रेम करा कर दिया।
तिब्बत के पूर्व प्रधान मंत्री शामदोंग रिमपोछे ने मार्च या अप्रैल माह में
संकिसा आने का वादा किया। रिमपोछे ने कहा कि संकिसा में जल्द ही विकास की
और योजनाएं शुरू कराई जाएंगी।
प्रोटोकाल तोड़ कार्यकर्ताओं से मिले सीएम
संकिसा में बौद्ध धर्मगुरु से मिलने आए सूबे के मुखिया अखिलेश यादव कई बार प्रोटोकाल तोड़ कर कार्यकर्ताओं से मिले। रविवार
को अखिलेश यादव करीब डेढ़ घंटे तक संकिसा में रुके। उनका उड़नखटोला दोपहर
को 12.14 बजे मंडी परिसर के गेस्ट हाउस में उतरा। यहीं से वह 1.45 बजे उड़
गए। गेस्ट हाउस से मुख्यमंत्री का काफिला हेलीपैड की ओर रवाना हुआ कि कुछ
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को आवाज लगा दी।
इस पर मुख्यमंत्री ने अपनी
गाड़ी रुकवा दी। गाड़ी धीमे होते ही मुख्यमंत्री गाड़ी का दरवाजा खोलकर
सड़क पर उतर आए। मुख्यमंत्री के उतरते ही कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
सुरक्षा गार्डों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। भीड़ बढ़ती देख
मुख्यमंत्री गाड़ी के अंदर हो लिए और काफिला हेलीपैड की रवाना हो गया।
हेलीपैड के पास उन्होंने एक कार्यकर्ता को इशारा कर अपने पास बुलाया
और
मिलने के लिए गाड़ी का दरवाजा खोला। भीड़ मुख्यमंत्री की गाड़ी की ओर लपकी।
सुरक्षा में तैनात एसपीजी के जवानों ने भीड़ को पीछे धकेल दिया। काफिले
के पीछे पीछे कार्यकर्ताआें ने भी दौड़ लगा दी। मौजूद पुलिस कर्मियों ने
उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
पहले जिला सुधारो, मंत्री की बात बाद में
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी जिले में फूट की खबर है। निरीक्षण भवन में
जिले को मंत्री देने की बात पर वह बोले, पहले जिला सुधारो। कार्यक्रम में
अध्यक्ष व दो विधायक दिखाई नहीं दिए। अखिलेश यादव ने निरीक्षण भवन में
पार्टी नेताओं से भी मुलाकात की। उनके सामने दोनाें ओर सुरक्षाकर्मियाें ने
खुद को खड़ा कर गैलरी बना ली थी। इसी में नेताआें की लाइन लगवाई गई।
नेता
लाइन से पहुंच कर अपनी समस्या बताते रहे। कई नेताआें ने हाथ जोड़कर या पैर
छूकर आशीर्वाद लिया तो कुछ ने दुखड़ा रोया। दिग्गज नेता भी लाइन से मिले।
सीएम ने सभी को समस्या समाधान का भरोसा दिया। हेलीपैड पर जिला अध्यक्ष
रामसेवक यादव, कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया, भोजपुर विधायक जमालुद्दीन
सिद्दीकी नहीं पहुंचे।