जीएम निरीक्षण से पूर्व रेलवे स्टेशन पर काम का परीक्षण करने पहुंचे डीआरएम दिनेश कुमार सिंह को कुछ भी सही नहीं मिला। उन्होंने सेक्शन इंजीनियर कार्य (आईओडब्ल्यू) को निलंबित करने की चेतावनी दी। डीआरएम को नया टिनशेड टपकता मिला। सड़क पर पानी भर था। शौचालय के टायल्स में भी मनमानी की गई।
जीएम 20 दिसंबर को फर्रुखाबाद स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके लिए स्टेशन का सुंदरीकरण किया जा रहा है। तीन माह में एडीआरएम और डीआरएम के छह निरीक्षण हो चुके हैं। बावजूद इसके स्थानीय अफसरों की मनमानी हावी है। निरीक्षण के वक्त पानी बरस रहा था, तो पोल खुल गई। प्लेटफार्मों पर नए डाले गए टिनशेडों से पानी टपक रहा था।
पिछले निरीक्षण के दौरान वेटिंग रूम के शौचालय में टायल्स सही लगाने के निर्देश के बावजूद मनमानी की गई। इस पर डीआरएम खफा हो गए। उन्होंने आईओडब्ल्यू को जीएम निरीक्षण से पहले ही निलंबित करने की चेतावनी दी।
डीआरएम मुख्य गेट के प्रतीक्षालय पहुंचे। उन्होंने दीवार पर बनी पेंटिंग को छत की मैचिंग कलर का बनवाने का निर्देश दिया। जीआरपी थाने की तरफ नई बनी रोड पर पानी भरा देख उनका पारा चढ़ गया। बोले, पानी के निकास की तुरंत व्यवस्था करें। कहा कि लीपापोती हो रही है।
सड़क किनारे बनी नाली निरर्थक देख सहायक मंडल इंजीनियर अश्वनी कुमार तिवारी को चेतावनी दी। उनसे मैप बनाने को कहा। बोले, पानी रोड पर नहीं आना चाहिए। आवासों के पीछे की दीवारों को पुट्टी करवाकर सही कराने को कहा। निरीक्षण में एडीआरएम अजय वार्ष्णेय समेत इंजीनियरिंग, बिजली, संचालन समेत अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी थे।
साहब! गेटों से घुस जाते बंदर
गेटमैन राजवीर ने शिकायत की कि मकान के गेट से अंदर बंदर घुस जाते हैं। इससे काफी दिक्कतें हो रही हैं। डीआरएम ने इसे सही कराने को कहा, तो संबंधित अफसरों ने निरीक्षण के बाद के लिए टाल दिया।
व्यापारियों के बैठने तक को जगह नहीं
व्यापारी राकेश अग्रवाल ने कहा कि हम लोग आलू, खाद, सीमेंट की रैकें उतरवाते हैं। मुंबई से व्यापारी आते हैं, तो उनके बैठने तक को जगह नहीं होती है। रिटायरिंग रूम में लेबर रोक दी गई। डीआरएम ने कहा कि रिटायरिंग रूम खाली करवाएं।
...जब डीआरएम ने जमकर हड़काया
हुआ यूं कि पिछले निरीक्षण में डीआरएम कुछ कंडम कमरों को तोड़ने के निर्देश दे गए थे। बावजूद इसके शुक्रवार को भी उन्हें वह बने मिले। इस पर वह खफा हो गए। बोले, हद हो गई। कल तक इन्हें टूट जाना चाहिए।
शमसाबाद स्टेशन पर मिली गंदगी
शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने निरीक्षण किया। वहां उन्हें गंदगी मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। कुछ दिन पहले ही हुई दीवारों की पुताई बारिश में धुल गई। उन्होंने सही से पुताई कराने को कहा। स्टेशन के पास ही 174 नंबर फाटक का जायजा लिया। वहां कुछ कमियां मिलीं। उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।