फर्रुखाबाद। सड़क हादसे में पति की मौत के बाद व्यक्तिगत दुर्घटना (पीए) बीमा क्लेम के लिए दाखिल परिवाद का शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हो गया। न्यू इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने युवक की पत्नी को 15 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश की तिथि से 45 दिन के भीतर धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
थाना कादरीगेट क्षेत्र के अंबेडकर नगर, गंगानगर निवासी सुधा देवी उर्फ सुधा वर्मा ने परिवाद दाखिल किया था। बताया था कि उनके पति गौरव वर्मा की मोटरसाइकिल का बीमा न्यू इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी से सात जून 2024 से छह जून 2025 तक था। पॉलिसी में 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर शामिल था और वह बीमा में नामिनी थीं। 21 सितंबर 2024 को पति गौरव वर्मा मोटरसाइकिल से स्कूल से घर लौट रहे थे। फर्रुखाबाद-जहानगंज मार्ग पर डंपर की टक्कर से उनकी मौत हो गई। लेकिन कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं किया। कंपनी से भुगतान न मिलने पर 29 नवंबर 2024 को विधिक नोटिस भेजा गया। इसके बाद मई 2025 में उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया गया। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्ष उपस्थित हुए और सुलहनामा पेश किया। आयोग ने 15 लाख रुपये के भुगतान पर परिवादिनी की सहमति दर्ज की और मामला निस्तारित कर दिया।