गांव नगला दाऊद में एचटी लाइन की चपेट में आकर हुई चुन्ने की मौत के मामले में बिजली विभाग, प्रधान पति और निवर्तमान विधायक एक-दूसरे पर मामला टालने में लगे हैं। ग्रामीणों में इस बात का रोष है कि क्षेत्र में कई जगह एचटी और एलटी लाइनें मकानों के ऊपर से गुजर रही हैं लेकिन इन्हें शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
सात माह पहले प्रधान पति फिरोज खां ने नगला दाऊद में घरों के ऊपर से बिजली शिफ्टिंग की मांग की थी। उन्होंने 3.24 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर प्रधान पति को दे दिया था। इस्टीमेट की धनराशि का भुगतान न होने से लाइन शिफ्टिंग का काम नहीं हो सका। घटना में बिजली विभाग की कोई लापरवाही नहीं है।
विजय पाल यादव (जेई, बिजली विभाग)
छह माह पहले नगला दाऊद में घरों के ऊपर से निकली एचटी लाइन की शिफ्टिंग की मांग जेई से की थी। लाइन शिफ्टिंग का इस्टीमेट उन्होंने निवर्तमान विधायक जमालुद्दीन को देकर विधायक निधि से लाइन शिफ्टिंग करवाए जाने की मांग की थी। पर समस्या जस की तस रही। यही देरी हादसे का कारण बनी।
फिरोज खां (प्रधान पति)
नगला दाऊद में लाइन शिफ्टिंग के लिए उन्हें कोई इस्टीमेट नहीं मिला। उनके पैतृक गांव जरारी में भी घरों के ऊपर से एचटी लाइनें निकली हैं। जल्द ही घरों के ऊपर से निकली एचटी व एलटी लाइनों को बदलवाने का प्रयास करेंगे।
इन मोहल्लों से गुजरीं एलटी व एचटी लाइन
नगला दाऊद, शास्त्री नगर मोहल्ला, जरारी, जहानगंज-कमालगंज रोड समेत दर्जनों गांवों और मोहल्लों में घरों के ऊपर से एलटी व एचटी लाइनें गुजरी हैं। इससे हर वक्त लोगों की जान पर खतरा मंडराता रहता है।
ब्लाक कमालगंज के गांव नगला दाऊद में गुरुवार को तौफीक के मकान निर्माण के दौरान घर के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन में सरिया छूने से उसी गांव के रहने वाले मजदूर चुन्ने की मौत हो गई थी।
कमालगंज। मजदूर चुन्ने की मौत के मामले में परिजनों ने मकान मालिक से समझौता कर लिया। शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के कुछ संभ्रांत लोगों ने बीच में पड़कर दोनों पक्षों में समझौता कराया। इसलिए तहरीर थाने में नहीं दी गई। चुन्ने के भाई मोहसिन ने बताया कि उसे कोई कार्रवाई नहीं करनी है।