प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहानगंज आरोग्य मेला में मरीज देखते फार्मासिस्ट विमलेश पाल।
- फोटो : पुरवा तहसील में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते डीएम गौरांग राठी, एसपी दीपक भूकर व अन्य अधिकारी।
फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगे आरोग्य मेले में अव्यवस्थाएं व मनमानी देखने को मिली। किसी पीएचसी पर डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट ने मरीज देखे तो कहीं मरीजों को ताला लगा मिला। कई पीएचसी पर एलटी न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी।
जनपद में शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 पीएचसी पर आरोग्य मेला लगाया गया। बरसात के मौसम में खांसी, बुखार व त्वचा संबंधी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। नगरीय पीएचसी नवदिया में डॉ. सचिन कटियार ने मरीज देखने के साथ ही दवाई भी वितरित की। फार्मासिस्ट की ड्यूटी ऑफीसर्स क्लब में लगे स्वास्थ्य शिविर में लगी थी। जबकि एलटी की तैनाती ही नहीं है। इससे मरीज बिना जांच के ही लौटते रहे। जिले के कई पीएचसी में अव्यवस्थाएं रहीं।
फार्मासिस्ट ने देखे मरीज
फोटो-19, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धीरपुर में मरीज देखते फार्मासिस्ट चरन सिंह। संवाद
फोटो-20, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खिमसेपुर में बंद पड़ा आरोग्य मंदिर। संवाद
मोहम्मदाबाद। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धीरपुर में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इससे फार्मासिस्ट चरण सिंह ने कुल 112 मरीज देखकर दवाई दी। इसमें खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज अधिक रहे। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य खिमसेपुर में दोपहर 2.30 बजे मरीजों को ताला लगा मिला। इससे गांव के कई मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कंपिल संवाद के अनुसार क्षेत्र के पीएचसी बरखेड़ा में डॉ. अनुपम ने 45 मरीज देखे। इसमें खुजली, बुखार के मरीज अधिक थे। जहानगंज संवाद के अनुसार पीएचसी में मरीजों की सुबह से भीड़ रही। यहां भी डॉक्टर न पहुंचने से फार्मासिस्ट विमलेश पाल ने 129 मरीज देखे। इनमें दाद, खुजली व बुखार के मरीज अधिक थे। (संवाद)