कलक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी।
- फोटो : कलक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी।
फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार शाम जिलाधिकारी ने जलजीवन मिशन योजना की प्रगति जांची। इस दौरान पानी की टंकियों से पूरे गांव में जलापूर्ति न होने और गलियों की सही से मरम्मत न करने पर जिलाधिकारी ने फटकार लगाई।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण पेयजल का उपयोग पशुओं को नहलाने में किया जा रहा है, जो अनुचित है। जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने सवाल किया कि क्या सभी बस्तियों में समान रूप से जलापूर्ति हो रही है। कई घरों में तो कनेक्शन ही नहीं किए गए।
इस पर अधिकारियों ने सफाई दी कि कुछ लोग कनेक्शन लेने से मना कर देते हैं। जिलाधिकारी ने इस जवाब से असंतोष जताते हुए कहा कि बहाना नहीं चलेगा, योजना का सही से क्रियान्वयन किया जाए। बताया गया कि 151 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। 35 टंंकियों से 74 गांवों में जलापूर्ति की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्य से कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे दूसरी योजनाएं भी प्रभावित हैं।
विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि सभी घरों में कनेक्शन देकर जलापूर्ति की जाए। उन्होंने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा कादरीगेट से मसेनी तक सड़क निर्माण की गुणवत्ता खराब होने पर सुधार कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने पेयजल योजना में सुधार करने की चेतावनी दी। विधायक सुशील शाक्य, सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, विधायक सुशील शाक्य, नगरपालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल भी रहीं।