गांव समैचीपुर चितार में गंगा में कटने के बाद बची दीवार को ग्रामीणों ने ईंटें बचाने को खुद तोड़ डा?
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गंगा का जलस्तर अब तेजी से बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। शमसाबाद क्षेत्र में गंगा के कटान से दो ग्रामीणों के मकानों की दीवारें कट गई हैं। इससे बचा हुआ मकान ग्रामीण तोड़कर ईंटे बचाने की कोशिश में जुट गए हैं। वहीं, अमृतपुर में भी कई गांवों के ग्रामीणों के खेत बाढ़ में कट गए हैं। कटान गांव की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है।
मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर 135.55 मीटर पर था। बुधवार को 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के साथ अब यह 135.95 मीटर पर पहुंच गया है। यह जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से महज 65 सेंटीमीटर की दूरी पर ही रह गया है। इससे गंगा किनारे के ग्रामीण भयभीत हैं। शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार निवासी इरशाद व मुबीना पत्नी सब्बीर के मकान की दीवार कटान में गिर गई।
इसके बाद दोनों ने ही अपने घरों को तोड़ना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे खेत तो पहले ही कट गए थे। अब तो घर भी कटान की चपेट में आ गए हैं। उधर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया और हरसिंहपुर कायस्थ में भी कटान तेजी से होने लगा है।
कुछ ग्रामीणों के खेत कट गए हैं। बुधवार को गंगा नदी में 38 हजार क्यूसेक व रामगंगा नदी में 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। समैचीपुर के ग्राम प्रधान यासीन ने बताया कि ग्रामीणों के लिए जगह देखी जा रही है। उन्हें जल्द ही उचित स्थान पर बसाया जाएगा।
अमृतपुर तहसील में बना बाढ़ कंट्रोल रूम बुधवार से चालू कर दिया गया है। इसमें अमीन व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। अमीन दिन में तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रात में ड्यूटी करेंगे। इसका नंबर 9161630092 है। साथ ही 33 बाढ़ चौकी व 13 बाढ़ शरणालय बनवाए गए हैं। लेखपालों को बाढ़ की हर स्थिति से तुरंत अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।